नई दिल्ली: खट्टे और मीठे स्वाद के लिए मशहूर इमली सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाली चीज़ नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करती है, और वजन नियंत्रित करने में भी मददगार साबित होती है।

बिहार सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग के अनुसार, इमली सिर्फ एक बड़ा और छायादार वृक्ष नहीं है, बल्कि यह प्रकृति की एक अनमोल देन है। इसे घने जंगलों, खेतों और सड़कों के किनारे आसानी से देखा जा सकता है। इसकी झुकी हुई शाखाएं और खुरदरी भूरी छाल इसे पहचानने में आसान बनाती हैं। खाने में इसका खट्टा-मीठा गूदा स्वाद बढ़ाता है और चटनी, सांभर, करी जैसे पारंपरिक व्यंजनों में इसका इस्तेमाल प्रमुख रूप से होता है।

इमली के औषधीय गुणों का उपयोग सदियों से आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में होता आ रहा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फाइबर और विटामिन सी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में सूजन कम करने, इम्यून सिस्टम मजबूत करने और हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करती है। यह कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में भी प्रभावी है, खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है।

इमली में मौजूद पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवोनॉइड्स लीवर की सुरक्षा करते हैं और सूजन कम करने में मदद करते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रख सकती है और वजन नियंत्रण में सहायक होती है। इमली की पत्तियां, छाल और बीज भी एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से युक्त होते हैं, जो शरीर को बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने में मदद करते हैं।

हालांकि, इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। अत्यधिक इमली खाने से दस्त, पेट दर्द या एसिडिटी हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके एसिडिक गुण दांतों की इनेमल को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए सेवन के बाद कुल्ला करना जरूरी है।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं, किडनी रोगी या किसी दवा पर निर्भर लोग डॉक्टर की सलाह से ही इमली का उपयोग करें। एलर्जी वाले व्यक्तियों में खुजली या रैश हो सकते हैं। इस प्रकार, इमली का नियमित और संतुलित सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। (With inputs from IANS)

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इमली न केवल स्वाद बढ़ाती है बल्कि पाचन सुधारकर वजन नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.