नई दिल्ली: आज की डिजिटल जीवनशैली में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन देखने के कारण लोगों में आंखों की रोशनी कम होने, सूखापन, जलन और धुंधला दिखने जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। ऐसे में अधिकांश लोग तुरंत चश्मा लगाने या लेंस बदलने का सहारा लेते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों को स्वस्थ रखने का असली आधार केवल चश्मा नहीं, बल्कि सही और संतुलित पोषण भी है।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस दृष्टि सुधारने में मदद कर सकते हैं, लेकिन आंखों की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार बेहद जरूरी है। संतुलित और पौष्टिक भोजन न केवल आंखों की रोशनी को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि उम्र के साथ होने वाली कई गंभीर आंखों की बीमारियों से भी बचाव कर सकता है। नियमित रूप से सही खाद्य पदार्थों को अपनी थाली में शामिल करने से आंखों की सेहत लंबे समय तक बेहतर बनी रह सकती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि आंखों के लिए विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, जिंक, ओमेगा-3 फैटी एसिड, ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन जैसे पोषक तत्व बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ये तत्व आंखों की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने, रेटिना को मजबूत बनाने और मोतियाबिंद तथा मैकुलर डिजनरेशन जैसी समस्याओं के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।

नेशनल हेल्थ मिशन लोगों को जागरूक कर रहा है कि रोजमर्रा के भोजन में कुछ खास चीजों को शामिल करके आंखों की देखभाल काफी हद तक घर पर ही की जा सकती है। उदाहरण के लिए, गाजर आंखों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। इसमें बीटा-कैरोटीन के रूप में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो रात में देखने की क्षमता को बेहतर बनाने और आंखों की झिल्ली को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। गाजर को सलाद, जूस या सब्जी के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकली भी आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। इनमें ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो रेटिना की रक्षा करते हैं और उम्र से जुड़ी आंखों की समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं।

सूखे मेवों में बादाम भी आंखों की सेहत के लिए उपयोगी हैं। बादाम में विटामिन ई अच्छी मात्रा में होता है, जो आंखों की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। रोजाना 5 से 10 बादाम भिगोकर या सीधे खाना लाभकारी माना जाता है।

इसके साथ ही आंवला, संतरा, कीवी और नींबू जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी भरपूर होता है। यह आंखों के आसपास की रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने और मोतियाबिंद के खतरे को कम करने में सहायक होता है।

अंडा, मछली, अलसी के बीज और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थ भी आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह आंखों की नमी बनाए रखने, दृष्टि को तेज रखने और बढ़ती उम्र के असर को कम करने में मदद करता है।

हालांकि यदि आंखों से संबंधित कोई गंभीर समस्या महसूस हो, तो स्वयं उपचार करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। सही आहार और नियमित देखभाल से आंखों की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। (With inputs from IANS)

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आंखों की अच्छी सेहत के लिए चश्मे के साथ-साथ सही पोषण भी जरूरी है।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.