नई दिल्ली: अल्सर पेट की भीतरी परत में बनने वाला एक घाव है, जो आमतौर पर गलत खानपान, अत्यधिक एसिड बनना, तनाव और लंबे समय तक असंतुलित जीवनशैली अपनाने के कारण होता है। ऐसी स्थिति में केवल दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता। यदि भोजन सही न हो, तो दवाएं भी पूरा असर नहीं दिखा पातीं। यही वजह है कि अल्सर के इलाज में दवा के साथ सही डाइट का पालन बेहद ज़रूरी हो जाता है।

पेट में घाव होने पर गलत या भारी भोजन एसिड को और बढ़ा देता है, जिससे जलन बढ़ती है और घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। वहीं, हल्का, सादा और समय पर लिया गया भोजन पेट को आराम देता है और अल्सर को भरने में मदद करता है। इसलिए अल्सर के मरीजों को पूरे दिन के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

सुबह उठते ही खाली पेट तीखा या भारी भोजन करने से बचना चाहिए। गुनगुना पानी पीना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। यदि शरीर अनुकूल हो, तो थोड़ी मात्रा में नारियल पानी भी लिया जा सकता है। खाली पेट चाय या कॉफी पीने की आदत अल्सर की समस्या को बढ़ा सकती है, इसलिए इससे परहेज़ करना चाहिए।

नाश्ते में दलिया एक सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प है। इसके अलावा ओट्स या पतली खिचड़ी भी ली जा सकती है। सादी ब्रेड के साथ थोड़ा घी ठीक रहता है, लेकिन मसालेदार पराठे या तले-भुने नाश्ते से बचना चाहिए। फलों का चयन भी सोच-समझकर करें। पका केला अल्सर में लाभकारी माना जाता है, जबकि पपीता पेट को ठंडक पहुंचाता है। सेब को छीलकर खाना बेहतर होता है। संतरा, नींबू, अनानास और कच्चे आम जैसे खट्टे फल एसिड बढ़ाते हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाना चाहिए।

दोपहर के भोजन में सादा चावल या रोटी उपयुक्त रहते हैं। मूंग या अरहर की दाल हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। लौकी, तोरई और टिंडे जैसी सब्जियां पेट के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। इस समय तली-भुनी चीजें, अचार, बहुत मसालेदार सब्जियां और जरूरत से ज्यादा खाना नुकसानदेह हो सकता है।

शाम के समय हल्की भूख लगने पर भुना चना या मुरमुरा लिया जा सकता है। हर्बल चाय बेहतर विकल्प है, लेकिन बिस्कुट और नमकीन से बचना चाहिए। बार-बार चाय पीना हानिकारक हो सकता है और कॉफी अल्सर के मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती।

रात का भोजन हमेशा हल्का रखना चाहिए। खिचड़ी या सब्जी-रोटी पर्याप्त होती है। सोने से दो से तीन घंटे पहले भोजन कर लेना बेहतर रहता है। भारी, तेल-मसाले वाला खाना, देर रात दूध पीना और भोजन के तुरंत बाद लेट जाना अल्सर में गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। (With inputs from IANS)

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सही खानपान अल्सर में एसिड को नियंत्रित कर घाव भरने में मदद करता है।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.