आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स (Dark Circles) आजकल लगभग हर किसी की आम समस्या बन चुके हैं. ये चेहरे को थका हुआ, तनावग्रस्त या उम्र से ज्यादा बड़ा दिखा सकते हैं. अक्सर लोगों को यह समझ नहीं आता कि डार्क सर्कल्स क्यों हो रहे हैं. कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. सुनील कुमार प्रभु बताते हैं कि डार्क सर्कल के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल, स्किन टाइप और जेनेटिक कारणों का मिला-जुला असर होता है. आंखों के नीचे की त्वचा बहुत पतली होती है, इसलिए ब्लड फ्लो, पानी की कमी या पिग्मेंटेशन में हल्का सा बदलाव भी तुरंत नजर आने लगता है.

डार्क सर्कल्स के मुख्य कारण

सबसे बड़ा कारण है नींद की कमी- जब हमारी नींद पूरी होती,तो आंखों के नीचे की रक्त नलिकाएं (Blood Vessels) फैल जाती हैं, जिससे वहां काला या नीला सा रंग दिखने लगता है. कुछ लोगों में जेनेटिक कारण होते हैं, यानी परिवार में पहले से डार्क सर्कल्स की समस्या होने से भी ये समस्या आ सकती है. ऐसे मामलों में अच्छी लाइफस्टाइल के बावजूद काले घेरे दिख सकते हैं. मोबाइल, लैपटॉप और टीवी-का ज्यादा इस्तेमाल भी आंखों पर जोर डालता है. इससे आंखों की मांसपेशियां ज्यादा काम करती हैं और रक्त नलिकाएं फैलती हैं, जिससे डार्क सर्कल्स गहरे हो जाते हैं.

एलर्जी, अस्थमा या बार-बार आंखें रगड़ना भी पिग्मेंटेशन बढ़ाता है. इसके अलावा डिहाइड्रेशन, यानी शरीर में पानी की कमी, आंखों के नीचे की त्वचा को सूखा और धंसा हुआ दिखाती है. उम्र बढ़ने के साथ कोलेजन कम होता है, जिससे त्वचा पतली हो जाती है और नसें ज्यादा दिखने लगती हैं. धूप भी मेलानिन बढ़ाकर डार्क सर्कल्स को गहरा कर सकती है, खासकर गेहूंए या सांवले रंग की त्वचा में.

डार्क सर्कल्स का इलाज और बचाव

डार्क सर्कल्स कम करने के लिए सबसे जरूरी है 7–9 घंटे की अच्छी नींद. दिनभर पर्याप्त पानी पीना त्वचा को हेल्दी और फ्रेश बनाता है. ठंडी चीजें, जैसे बर्फ, ठंडा चम्मच या खीरे के स्लाइस लगाने से तुरंत सूजन और काला पन कम होता है. आंखों के लिए बने आई क्रीम्स जिनमें विटामिन C, हायल्यूरोनिक एसिड, नायसिनामाइड या पेप्टाइड्स हों, त्वचा को मजबूत बनाकर धीरे-धीरे रंग हल्का करते हैं.

धूप से बचाव के लिए सन्सक्रीन और सनग्लासेस जरूर इस्तेमाल करें. स्क्रीन पर काम करते समय ब्रेक लेना आंखों को आराम देता है. अगर एलर्जी है, तो डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं और आंखें रगड़ने से बचें.अगर डार्क सर्कल्स जेनेटिक या बहुत गहरे पिग्मेंटेशन की वजह से हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा ट्रीटमेंट बेहतर परिणाम दे सकता है.डार्क सर्कल्स कोई गंभीर बीमारी नहीं हैं.सही नींद, पर्याप्त पानी, सन प्रोटेक्शन और नियमित स्किन केयर से समय के साथ इन्हें काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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Dr Sunil Kumar Prabhu

Dr Sunil Kumar Prabhu (MBBS, MD, DNB (Dermatology, Venereology and Aesthetics)) is a Senior Dermatologist and Aesthetic Physician at Aster RV Hospital, Bengaluru. Dr Sunil has more than 20 years of experience in General Medicine, Dermatology, Venereology and Aesthetic Medicine and the Pharma and Consumer Care Industry as a Medical Adviser. He is specialized in Medical Affairs and Clinical Development Clinical trial quality measures, Line management, Therapeutic training in research and Regulatory affairs.