40 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। इस समय फिट और स्वस्थ रहने के लिए योग सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है। रोजाना कुछ खास योगासन करने से न सिर्फ शरीर मजबूत रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है।

महिलाओं के लिए योग करने के फायदे

1. हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं

2. वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है

3. तनाव और चिंता कम होती है

4. दिल (Heart) स्वस्थ रहता है

5. हार्मोन बैलेंस में मदद मिलती है

6. नींद की समस्या दूर होती है

7. शरीर लचीला (Flexible) बनता है

8. बीमारियों का खतरा कम होता है

क्‍या कहती हैं एक्‍सपर्ट-

नई दिल्‍ली स्थित मोरारजी देसाई नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ योगा में योगा इंस्‍ट्रक्‍टर एश्‍वर्या लक्ष्‍मी सिंह कहती हैं,


आज की आधुनिक जीवनशैली में बढ़ता हुआ तनाव, चिंता और जीवनशैली-जनित रोग एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में योग एक समग्र और वैज्ञानिक पद्धति के रूप में हमारे स्वास्थ्य को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह शरीर की विभिन्न प्रणालियों—जैसे नर्वस सिस्टम, एंडोक्राइन सिस्टम और रेस्पिरेटरी सिस्टम—पर सकारात्मक प्रभाव डालता है, जिससे व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से संतुलित रहता है।

ताड़ासन (Tadasana):

ताड़ासन शरीर के पोश्चर अलाइनमेंट को सुधारते हुए न्यूरो-मस्कुलर कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर की संतुलन क्षमता और स्थिरता में वृद्धि होती है।

पादहस्तासन:

पादहस्तासन मस्तिष्क में रक्त संचार को सुधारता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद में कमी आती है। यह आसन हृदय की कार्यक्षमता को संतुलित करता है, रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है तथा शरीर के निचले हिस्सों में रक्त संचार को बढ़ाता है।

कटिचक्रासन:

कटिचक्रासन रीढ़ की लचक बढ़ाते हुए स्पाइनल रोटेशन को सुधारता है और इंटरवर्टिब्रल डिस्क के पोषण को बेहतर बनाता है। यह कमर और कूल्हों की जकड़न को कम करता है, मांसपेशियों के असंतुलन को दूर करता है तथा हल्के से मध्यम क्रॉनिक लोअर बैक पेन में लाभकारी पाया गया है। साथ ही, यह स्पाइनल नर्व्स को सक्रिय कर नर्वस कोऑर्डिनेशन और सिग्नल ट्रांसमिशन में सुधार करता है।

भुजंगासन (Bhujangasana):

भुजंगासन रीढ़ की लचीलापन बढ़ाकर सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे थकान और तनाव में कमी आती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

वज्रासन (Vajrasana):

वज्रासन पाचन तंत्र को सुधारते हुए गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल फंक्शन को संतुलित करता है, जिससे भोजन का पाचन बेहतर होता है और पेट संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।

पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana):

पश्चिमोत्तानासन पैरासिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे मानसिक शांति, एकाग्रता और गहरी रिलैक्सेशन प्राप्त होती है।

शवासन (Shavasana):

शवासन पूरे शरीर में डीप रिलैक्सेशन रिस्पॉन्स उत्पन्न करता है और कोर्टिसोल स्तर को कम करने में सहायक होता है, जिससे मानसिक तनाव और थकान दूर होती है।

प्राणायाम:

अनुलोम-विलोम श्वसन प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है, जबकि भ्रामरी प्राणायाम मस्तिष्क में अल्फा वेव्स को बढ़ाकर मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है तथा मन को शांत करता है।

महिलाओं के लिए विशेष योगासन:

विशेष रूप से 40 वर्ष के बाद महिलाओं के लिए योग अत्यंत लाभकारी है। त्रिकोणासन हड्डियों की मजबूती बढ़ाता है और मांसपेशियों के संतुलन को बनाए रखता है। सेतु बंधासन एंडोक्राइन सिस्टम, विशेषकर थायरॉइड ग्रंथि को संतुलित करने में सहायक होता है। मार्जरीआसन रीढ़ की गतिशीलता को बढ़ाते हुए हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। ये सभी आसन मिलकर हड्डियों की घनत्व, रीढ़ की लचीलापन और हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Topic:

40 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। इस समय फिट और स्वस्थ रहने के लिए योग सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है।
Arti Mishra
Arti Mishra

Arti Mishra has nearly one and a half decades of experience in journalism. She has extensive experience writing on topics related to health, food, lifestyle, fashion, beauty, relationships, religion, and astrology. She holds a PG Diploma in Journalism from YMCA. She began her career in print journalism and has worked in both feature writing and the news section. Over the years, she has worked with prominent media organisations including Zee News, Aaj Tak, Hindustan, Amar Ujala, and contributed for many publishers like NDTV.