कंप्यूटर-लैपटॉप पर काम करने वालों को हर 30-45 मिनट में ब्रेक क्यों जरूरी? जान लें

नई दिल्ली: आजकल अधिकांश लोग कंप्यूटर या लैपटॉप पर घंटों काम करते हैं, जिससे गर्दन दर्द, सर्वाइकल प्रॉब्लम और पीठ दर्द जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही पोस्चर, ब्रेक और आसान एक्सरसाइज से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सही पोस्चर अपनाना क्यों जरूरी है
- स्क्रीन की ऊंचाई: स्क्रीन को आंखों के लेवल पर रखें, ताकि गर्दन आगे की ओर झुके नहीं।
- पीठ और कंधे: पीठ सीधी और कंधे रिलैक्स्ड रखें।
- कीबोर्ड और माउस: कीबोर्ड को ऐसे रखें कि कोहनी लगभग 90–100 डिग्री के कोण पर हो। डेस्क पर कीबोर्ड को थोड़ा नीचे या एल्बो लेवल पर रखने से कंधे और गर्दन पर दबाव कम होता है।
- लैपटॉप स्टैंड: लैपटॉप की स्क्रीन नीचे होने से ‘टेक नेक’ की समस्या होती है। स्टैंड का इस्तेमाल करना बेहतर है।
गर्दन और मांसपेशियों की एक्सरसाइज
- नेक रेंज ऑफ मोशन एक्सरसाइज: गर्दन को धीरे-धीरे आगे-पीछे और बाएं-दाएं घुमाना शामिल करें।
- स्ट्रेंथ बढ़ाना: नियमित एक्सरसाइज से गर्दन और कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और लंबे समय तक काम करने की क्षमता बढ़ती है।
नियमित ब्रेक और स्ट्रेचिंग
- हर 30–45 मिनट में ब्रेक लें।
- उठकर थोड़ी दूर टहलें और गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- कुर्सी में सपोर्ट लें और पैर फर्श पर सपाट रखें।
- लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करने पर एक्सटर्नल कीबोर्ड और माउस का उपयोग करें।
छोटे बदलाव, बड़ी राहत
ये छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय में गर्दन, पीठ और कंधे के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। नियमित पोस्चर सुधार और एक्सरसाइज से ऑफिस वर्कर्स की सेहत बेहतर रहती है। यदि दर्द अधिक हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। (With inputs from IANS)
कंप्यूटर पर काम करते समय हर 30–45 मिनट में ब्रेक जरूरी।
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