यूके में बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के मामले दोगुने, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

ब्रिटेन में बच्चों में बढ़ते हाई ब्लड प्रेशर के मामले चिंता का विषय
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में बच्चों में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के मामलों में पिछले लगभग 20 वर्षों में दोगुनी वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
वर्तमान में ब्रिटेन में बच्चों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नियमित ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग का कोई व्यवस्थित कार्यक्रम नहीं है। इस कारण कई बच्चे जिनमें हाई ब्लड प्रेशर है, उनका समय पर पता नहीं चल पाता, और समस्या बढ़ते-बढ़ते वयस्क होने पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का रूप ले सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उच्च रक्तचाप का समय रहते पता नहीं चलता, तो यह आगे चलकर वयस्कों में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे कि हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं। यही वजह है कि कई वरिष्ठ डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब बच्चों और किशोरों में ब्लड प्रेशर जांच को स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अनिवार्य हिस्सा बनाने की वकालत कर रहे हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में बच्चों और युवाओं में मोटापा, अस्वस्थ भोजन, कम शारीरिक गतिविधि और अधिक स्क्रीन समय जैसी आदतों के कारण हाई ब्लड प्रेशर के मामले बढ़े हैं। यह रुझान बताता है कि अब यह समस्या केवल वयस्कों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों और किशोरों में भी तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि समय पर पहचान और सही उपचार बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
यदि बच्चों की ब्लड प्रेशर नियमित रूप से मापी जाती है, तो यह चिकित्सकों को यह समझने में मदद करेगा कि कौन से बच्चे उच्च जोखिम में हैं और उन्हें तुरंत हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इसके अलावा, समय पर पहचान और सही इलाज से न केवल बच्चों के भविष्य के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं पर भी लंबी अवधि में बोझ कम होगा।
समग्र रूप से देखा जाए तो बच्चों में उच्च रक्तचाप की समस्या अब केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं रही, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक बड़ा विषय बन गया है (With inputs from IANS)


