नई दिल्ली: आज की तेज़-तर्रार जिंदगी, मोबाइल की लगातार निगरानी, काम और पढ़ाई का दबाव, और दिनभर की भागदौड़ ने हमारी दिनचर्या इस कदर प्रभावित कर दी है कि इसका सीधा असर सेहत पर दिखाई देने लगा है। इसका एक प्रमुख उदाहरण है हाई ब्लड प्रेशर, जिसे अक्सर उम्र से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब यह समस्या युवाओं और कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रही है।

ब्लड प्रेशर अचानक नहीं बढ़ता, बल्कि रोज़ाना की छोटी-छोटी गलत आदतें शरीर में ऐसा वातावरण पैदा कर देती हैं, जो धीरे-धीरे इस बीमारी को जन्म देता है। सबसे बड़ी वजहों में से एक है नींद की कमी। शरीर को पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर, यानी सात घंटे से कम सोने पर, यह पूरी तरह से आराम नहीं कर पाता।

विशेषकर पांच-छह घंटे या उससे कम नींद से शरीर तनाव की स्थिति में चला जाता है। नींद के दौरान ब्लड प्रेशर अपने आप कम होता है, जिससे दिल और दिमाग को आराम मिलता है। लेकिन नींद पूरी न होने पर, स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ जाता है, जो नसों को सिकुड़ने पर मजबूर करता है। जब नसें सिकुड़ती हैं, खून को बहाने के लिए अधिक दबाव बनता है और यही हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है।

मानसिक तनाव भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। लगातार चिंता, डर और दबाव में रहने से शरीर हमेशा अलर्ट मोड में रहता है। इस स्थिति में सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम लगातार सक्रिय रहता है, दिल की धड़कन तेज होती है और खून की नलियां सिकुड़ती हैं। समय के साथ शरीर इसे सामान्य मान लेता है और यही धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर में बदल जाता है।

देर रात भारी या कैलोरी वाला खाना खाना भी खतरनाक आदत बन चुका है। इससे शरीर का सर्कैडियन रिदम प्रभावित होता है, किडनी सही से नमक और पानी का संतुलन नहीं बना पाती और इंसुलिन का प्रभाव कम हो जाता है। परिणामस्वरूप सोडियम शरीर में जमा होता है, खून की मात्रा बढ़ती है और नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है।

इसके अलावा, कैफीन का सेवन भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। कैफीन लेने से नसें सिकुड़ती हैं और दिल की धड़कन तेज हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। देर शाम या रात में कैफीन लेने से नींद प्रभावित होती है, स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं रह पाता। लगातार कैफीन पर निर्भर रहना शरीर को आराम की स्थिति में आने ही नहीं देता।

इन छोटी-छोटी आदतों पर नियंत्रण रखकर और जीवनशैली में सुधार करके हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। (With inputs from IANS)

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तेज़-तर्रार जीवनशैली और स्वास्थ्य की अनदेखी के कारण हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ रहा है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.