नई दिल्ली: पेट हमारे शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। माना जाता है कि जब पेट स्वस्थ होता है, तो कई बीमारियां अपने आप ठीक हो जाती हैं। लेकिन आधुनिक आरामदायक जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से पेट से जुड़ी समस्याएं हर उम्र के लोगों में आम हो गई हैं। भूख न लगना, गैस, एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन जैसी परेशानियां रोजमर्रा की समस्याओं में शामिल हो गई हैं।

ऐसे में एक पुरानी और प्रभावी आयुर्वेदिक पद्धति – उपवास – स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होती है। उपवास का अर्थ सिर्फ भूखा रहना नहीं है; यह शरीर के लिए औषधि का काम करता है। पेट की गहराई से सफाई करने, पाचन तंत्र को सुधारने और शरीर को खुद को रिपेयर करने का अवसर देने में उपवास अद्वितीय है। जहां दवाओं का असर सीमित होता है, वहीं उपवास लंबे समय तक शरीर को लाभ पहुँचाता है।

उपवास शुरू करने के लिए महीने में एक बार, जैसे एकादशी पर, यह आदर्श माना जाता है। शुरुआत में फलाहार रखना अच्छा होता है, ताकि शरीर को ऊर्जा मिले। फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें और पानी, नारियल पानी या शहद वाला पानी पीते रहें। पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

कई लोगों को लगता है कि उपवास रखने से कमजोरी महसूस होगी, लेकिन यह सिर्फ मानसिक भ्रांति है। भोजन से शरीर को केवल 30-40% ऊर्जा मिलती है, शेष ऊर्जा आराम, पानी और हवा से प्राप्त होती है। उपवास से शरीर कमजोर नहीं होता।

वैज्ञानिक शोध भी इस पद्धति को मान्यता देते हैं। जापान में 2018 में किए गए अध्ययन के अनुसार, उपवास शरीर की खराब कोशिकाओं को हटाकर नई और स्वस्थ कोशिकाओं का निर्माण करता है। इस प्रक्रिया को ऑटोफैगी कहा जाता है। उपवास न केवल पेट को स्वस्थ रखता है, बल्कि शरीर की कुलतंत्रिका प्रणाली और कोशिकाओं की मरम्मत में भी मदद करता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य सुधरता है। (With inputs from IANS)

IANSgut healthindigestionhealthy eating

Topic:

उपवास केवल त्याग नहीं, बल्कि शरीर और पाचन स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक औषधि है।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.