पेट में जलन और खट्टा स्वाद? हाइपर एसिडिटी से बचाव में कारगर हैं ये उपाय

हाइपर एसिडिटी क्या है?
हाइपर एसिडिटी (आयुर्वेद में अम्लपित्त) तब होती है जब पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है। इसके कारण पेट और छाती में जलन, मुंह में खट्टा स्वाद, भारीपन, मतली, डकार और कभी-कभी उल्टी जैसी परेशानियां होती हैं।
मुख्य कारण
- अनियमित जीवनशैली – देर रात तक जागना, अनियमित भोजन करना।
- गलत खानपान – मसालेदार, तला-भुना, तीखा-गर्म भोजन, जंक फूड और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ।
- तनाव और मानसिक दबाव – लंबे समय तक चिंता और तनाव पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं।
- अन्य आदतें – धूम्रपान, शराब का सेवन और लंबे समय तक भूखे रहना।
लक्षण
- पेट और छाती में जलन
- मुंह में खट्टा स्वाद
- भारीपन या बेचैनी
- बार-बार डकार आना
- मतली या कभी-कभी उल्टी
- आयुष मंत्रालय के सुझाव और घरेलू उपाय
- भोजन में सुधार – बहुत मसालेदार, खट्टा या तला-भुना भोजन, जंक और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
- भोजन का समय और मात्रा – लंबे समय तक भूखे या प्यासे न रहें; दिन में नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा भोजन करें।
- पानी का सेवन – रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं।
- नींद और आराम – समय पर सोएं; अनियमित नींद पाचन को प्रभावित करती है।
- तनाव प्रबंधन – योग, ध्यान, प्राणायाम या हल्की सैर को दिनचर्या में शामिल करें।
- अन्य आदतें – धूम्रपान और शराब से बचें।
फायदे
- इन सरल जीवनशैली बदलावों और आयुर्वेदिक उपायों से:
- हाइपर एसिडिटी के लक्षण कम होते हैं
- पेट और आंत का स्वास्थ्य बेहतर होता है
- लंबे समय तक पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव होता है
चेतावनी
यदि लक्षण लगातार बने रहें या बहुत तेज हों, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं। (With inputs from IANS)
पेट की जलन और खट्टे स्वाद से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय कारगर हैं।
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