नई दिल्ली: आयुर्वेद में कई ऐसी औषधीय जड़ी-बूटियाँ और पौधे हैं, जिनका उपयोग सदियों से विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता रहा है। इनमें कुछ को तो संजीवनी के रूप में भी माना गया है। ऐसे ही एक विशेष औषधीय पौधे में से एक है चांगेरी घास। यह घास साधारण दिखती है, लेकिन इसके गुणों के कारण आयुर्वेद में इसका विशेष स्थान है और यह लंबे समय से औषधि के रूप में उपयोग की जाती रही है।

चांगेरी घास आसानी से आसपास के क्षेत्रों में उगती है, लेकिन इसके औषधीय गुणों से अधिकांश लोग अनजान हैं। आयुर्वेद के अनुसार, यह हृदय संबंधी रोगों से लेकर त्वचा की समस्याओं तक में लाभकारी है और शरीर को संपूर्ण रूप से स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।

यह घास छोटे स्थानों, गमलों और खेतों में भी उग जाती है, लेकिन कई बार लोग इसे पहचान न पाने के कारण खरपतवार समझकर फेंक देते हैं। चांगेरी घास के तीन पत्ते होते हैं, जिनका आकार दिल जैसा होता है और इस पर पीले रंग के छोटे फूल आते हैं। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में इसका विस्तृत विवरण मिलता है, जिसमें इसके उपयोग और किस पर कैसे लगाया जा सकता है, बताया गया है।

पाचन तंत्र के लिए चांगेरी घास अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इसका उपयोग पेट दर्द, गैस, अपच और बवासीर जैसी समस्याओं में राहत देता है और आंतों में हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करता है।

चांगेरी घास हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन सी, कैरोटीन और ऑक्सलेट मौजूद होते हैं, जो हृदय को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह रक्त धमनियों में वसा जमने से रोकती है और सूजन कम करने में भी सहायक है।

त्वचा की समस्याओं में भी चांगेरी लाभकारी है। बार-बार होने वाले मुहांसों में इसके पत्तों का पेस्ट उपयोगी होता है क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। महिलाओं में अक्सर पाई जाने वाली ल्यूकोरिया (व्हाइट डिस्चार्ज) में इसके पत्तों का रस सेवन लाभकारी माना जाता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं और कमर दर्द में राहत मिलती है।

इसके अलावा, चांगेरी में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। यह सूजन, जोड़ों के दर्द, वजन नियंत्रण और मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। (With inputs from IANS)

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चांगेरी घास कई स्वास्थ्य लाभ देती है, हृदय स्वास्थ्य को मजबूत करती है और ल्यूकोरिया जैसी समस्याओं में मददगार है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.