किडनी के मरीज रखें खास ध्यान, क्या उपवास करना आपके लिए सुरक्षित है? एक्सपर्ट से जानें 10 चेतावनी संकेत

आज के दौर में किडनी की बीमारियाँ (CKD) तेजी से बढ़ रही हैं. 'द लैंसेट' के एक अध्ययन के अनुसार, दुनिया में हर 10 में से 1 व्यक्ति इससे प्रभावित है. किडनी रोगों का सबसे डरावना पहलू यह है कि इनके लक्षण तब तक नहीं दिखते जब तक बीमारी गंभीर न हो जाए. ऐसे में, आज के दौर में बढ़ते उपवास (Fasting) के चलन, जैसे इंटरमिटेंट फास्टिंग या धार्मिक व्रत, किडनी रोगियों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकते हैं. हाल ही में एरेट हॉस्पिटल्स की सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमा दीप्ति अल्ला ने बताया कि किडनी को सही काम करने के लिए निरंतर हाइड्रेशन और स्थिर बॉडी केमिस्ट्री की जरूरत होती है. उपवास के दौरान भोजन और पानी की लंबी कमी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है.
किडनी रोगियों के लिए 10 चेतावनी संकेत (Warning Signs)
अगर आप उपवास कर रहे हैं और आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत उपवास रोकें और डॉक्टर से मिलें जैसे,
1. लगातार चक्कर आना
2. अत्यधिक कमजोरी या थकान
3. पैरों में सूजन
4. चेहरे पर सूजन
5. पेशाब का कम आना या गहरा रंग होना
6. मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps)
7. दिल की धड़कन तेज होना
8. जी मिचलाना (Nausea)
9. भ्रम की स्थिति (Confusion)
10. सांस लेने में तकलीफ
किडनी मरीजों के लिए उपवास जोखिम भरा क्यों है?
पानी की कमी किडनी पर दबाव डालती है. किडनी की कम कार्यक्षमता वाले लोगों के लिए हल्की सी डिहाइड्रेशन भी खतरनाक हो सकती है. डायलिसिस के मरीज डायलिसिस कराने वालों के लिए शरीर में तरल पदार्थ (Fluid) और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बहुत जरूरी होता है। उपवास से ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और कमजोरी बढ़ सकती है. इस स्थिति में शरीर अचानक भोजन या तरल पदार्थ के बदलाव को सहन नहीं कर पाता. ट्रांसप्लांट वाले मरीजों को समय पर दवाइयां लेनी होती हैं। उपवास से दवाओं का शेड्यूल बिगड़ सकता है, जो किडनी रिजेक्शन का कारण बन सकता है.
क्या किडनी के मरीज कभी उपवास कर सकते हैं?
डॉ. अल्ला के अनुसार, शुरुआती या हल्की किडनी समस्या वाले लोग सही प्लानिंग के साथ उपवास कर सकते हैं. इसके लिए कुछ नियम जरूरी हैं जब उपवास न हो, तब धीरे-धीरे पानी पिएं, एक साथ बहुत ज्यादा नहीं. ज्यादा नमक वाले भोजन से बचें, क्योंकि इससे प्यास बढ़ती है. उपवास शुरू करने से पहले अपनी दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति के बारे में डॉक्टर से जरूर जाएं.


