आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता, एंग्जाइटी आम सी बात बन गई है. ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल बेहद जरूरी है. इसका एक सरल और प्रभावी तरीका है किताबें पढ़ना. इसे बिब्लियो थेरेपी कहते हैं, यानी किताबों के जरिए मन का इलाज. किताबें दिल-दिमाग की सच्ची साथी बनकर भावनाओं को समझने, तनाव कम करने और आत्मविश्वास जगाने में मदद करती हैं. यह दवाइयों से अलग, प्राकृतिक और आसान उपाय है, जो घर बैठे अपनाया जा सकता है. अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, बिब्लियो थेरेपी में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई तरह की सामग्रियों का इस्तेमाल होता है। इनमें स्व-सहायता वर्कबुक, पंफलेट, उपन्यास, कहानियां और ऑडियो बुक्स शामिल हैं.

बिब्लियो थेरेपी क्या है?

आसान शब्दों में कहें तो बिब्लियो थेरेपी, पढ़ने की थेरेपी है, जहां चुनिंदा किताबें या सामग्री व्यक्ति को अपनी समस्याओं से निपटने में मदद करती हैं. यह दवाओं के बिना एक प्राकृतिक और गैर औषधीय तरीका है, जो चिंता, तनाव और अन्य मानसिक परेशानियों को कम करने में कारगर साबित होता है.

इस पर कई रिसर्च हुए, जिसमें पता चला है कि किताबें पढ़ना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. खासतौर पर सर्जरी या ऑपरेशन से पहले मरीजों में चिंता का स्तर काफी ऊंचा होता है, जो मध्यम या गंभीर रूप ले लेता है. ऐसे में बिब्लियो थेरेपी का उपयोग करके इस चिंता को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

शोध बताते हैं कि ऑपरेशन से पहले बिब्लियो थेरेपी देने से मरीजों की घबराहट कम होती है, जिससे सर्जरी के बाद की जटिलताएं भी घट जाती हैं. नर्स और स्वास्थ्यकर्मी इस विधि को आसानी से अपनाकर मरीजों की मदद कर सकती हैं. मरीज की समझ और जरूरत के अनुसार अलग-अलग तरह की किताबें चुनी जाती हैं. यह तरीका सिर्फ ऑपरेशन से पहले ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में चिंता, अवसाद या तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए भी उपयोगी है.

ऐसे करता है काम

बिब्लियो थेरेपी की खासियत यह है कि यह सस्ती, आसान और घर पर ही की जा सकती है. किताबें पढ़कर व्यक्ति खुद को समझता है, दूसरों की कहानियों से जुड़ता है और समाधान खोजता है. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और मन शांत होता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में जब मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ रही हैं, बिब्लियो थेरेपी एक सुलभ और अच्छा ऑप्शन है. रेगलुर अपनी पसंद की किताबें पढ़ना दिमाग को मजबूत बनाता है और भावनात्मक संतुलन लाता है. साथ ही रचनात्मक और पॉजिटिव भी बनाता है.

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मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल बेहद जरूरी है. इसका एक सरल और प्रभावी तरीका है किताबें पढ़ना.
Priya Gupta
Priya Gupta

Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative