काला चना: पाचन में हल्का, मांसपेशियों के लिए ताकतवर आहार

कई लोग पूरा खाना खाने के बाद भी कमजोरी महसूस करते हैं, जल्दी थक जाते हैं और शरीर में दर्द रहने लगता है। इसका मतलब है कि शरीर को सही पोषण नहीं मिल रहा या अंदरूनी ताकत कम है। आमतौर पर हमारी थाली में फाइबर तो होता है, लेकिन प्रोटीन की मात्रा कम होती है, जबकि शरीर को मजबूत और ऊर्जावान रहने के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है।
ऐसे में रसोई में आसानी से मिलने वाला काला चना एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें प्रोटीन, आयरन और मैंगनीज भरपूर होते हैं, जो मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, स्टेमिना बढ़ाते हैं और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं। नियमित सेवन से कमजोरी, जल्दी थकान और पाचन से जुड़ी दिक्कतों में राहत मिलती है।
काले चने का लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सुरक्षित बनाता है। आयुर्वेद के अनुसार, काला चना शरीर की ताकत और पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। सही तरीके से खाने पर यह भारी नहीं पड़ता, बल्कि गट हेल्थ को बेहतर बनाता है।
काला चना खाने का सही तरीका यह है कि रात में एक कटोरी चने भिगो दें। सुबह उन्हें उबालकर थोड़ा हींग और जीरा डालकर खाएं। कच्चा चना खाने से गैस या कब्ज हो सकती है।
कुल मिलाकर, काला चना रोज के आहार में शामिल करने से शरीर अंदर से मजबूत होता है, ऊर्जा बढ़ती है और थकान कम होती है।
With Inputs From IANS


