सेहत कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो केवल कई सालों में बनती या बिगड़ती है, बल्कि यह हर दिन, हर भोजन के साथ प्रभावित होती है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि स्वास्थ्य लंबे समय में बनता है, लेकिन शरीर की बायोलॉजी कुछ और ही कहती है। वास्तव में, हमारी रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतें ही हमारे स्वास्थ्य की नींव रखती हैं। खासतौर पर हमारा भोजन शरीर को लगातार संकेत देता रहता है कि उसे कैसे काम करना है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, खाना खाने के कुछ ही मिनटों से लेकर कुछ घंटों के भीतर शरीर में बड़े बदलाव शुरू हो जाते हैं। भोजन केवल ऊर्जा देने का काम नहीं करता, बल्कि यह हार्मोन, दिमाग और इम्यून सिस्टम तक को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, भोजन इंसुलिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन की गतिविधि को बदलता है, सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करता है, और सूजन से जुड़े जीनों को सक्रिय कर सकता है। यहां तक कि खाने के बाद इम्यून सेल्स का व्यवहार भी बदल जाता है।

कई शोधों में यह बात सामने आई है कि सिर्फ एक बार बहुत ज्यादा फैट या चीनी से भरपूर भोजन करने से भी कुछ ही घंटों में शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है, चाहे व्यक्ति कितना भी फिट क्यों न हो। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि एक बार का गलत खाना आपकी सेहत को पूरी तरह खराब कर देता है। असल फर्क उन आदतों से पड़ता है, जिन्हें हम बार-बार दोहराते हैं। शरीर धीरे-धीरे उन्हीं पैटर्न्स के अनुसार खुद को ढाल लेता है, जो उसे रोज़ मिलते हैं। इसलिए ज़रूरी यह नहीं कि हर दिन परफेक्ट डाइट ली जाए, बल्कि यह ज़रूरी है कि भोजन का पैटर्न लगातार सही और संतुलित रहे।

विशेषज्ञ मानते हैं कि भोजन पेट भरने से कहीं ज्यादा अहम है। यह शरीर को दी जाने वाली जानकारी की तरह काम करता है। अगर रोज़ाना भेजे जाने वाले ये संकेत सकारात्मक और स्वस्थ हों, तो शरीर की बायोलॉजी भी धीरे-धीरे उसी दिशा में बदलने लगती है।

स्वस्थ रहने के लिए रोज़ की थाली में संतुलन और विविधता बेहद ज़रूरी है। अनाज के रूप में ब्राउन राइस, साबुत गेहूं की रोटी, ओट्स या बाजरा शामिल करें, जो ऊर्जा और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। प्रोटीन के लिए दालें, छोले, राजमा, पनीर, अंडे, मछली, चिकन या सोया उत्पाद लें, जो मांसपेशियों की मजबूती और मरम्मत में मदद करते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और मेथी के साथ-साथ गाजर, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी रंग-बिरंगी सब्जियां जरूर खाएं। ये विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती हैं। मौसमी फल जैसे सेब, केला, संतरा और अमरूद रोज़ाना आहार में शामिल करें, क्योंकि इनमें प्राकृतिक मिठास और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। दूध, दही और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम और प्रोटीन प्रदान करते हैं। स्वस्थ वसा के लिए सीमित मात्रा में घी, तेल और मुट्ठी भर नट्स का सेवन करें। साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और नमक व चीनी का सेवन कम रखें।

With Inputs from IANS

Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.