तनाव, हम सभी को इसका अनुभव होता है, और हम इसे कैसे संभालते हैं, इसी से सारा फ़र्क पड़ता है. तनाव का मैनेजमेंट सेहत के लिए बहुत जरूरी क्योंकि बहुत ज़्यादा तनाव आपके लिए हानिकारक होता है. तनाव से निपटने की कई रणनीतियां हैं, और उनमें से एक यह भी है कि आप क्या खाते हैं. यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि तनाव मैनेज करने वाला आहार आपकी किस तरह मदद कर सकता है.

तनाव कम करने वाला डाइट ये कैसे काम करते हैं?

भोजन कई तरीकों से तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. आरामदायक भोजन, जैसे कि एक कटोरी गर्म ओटमील, सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है. यह दिमाग में पाया जाने वाला एक शांत करने वाला रसायन है. कुछ अन्य खाद्य पदार्थ कोर्टिसोल और एड्रेनालिन के लेवल को कम कर सकते हैं. ये ऐसे तनाव-हार्मोन हैं जो समय के साथ शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. एक स्वस्थ आहार, प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाकर और ब्लड प्रेशर को कम करके, तनाव के प्रभावों का मुकाबला करने में मदद कर सकता है. क्या आप जानते हैं कि कौन से फूड को खाने से तनाव कम करने में सहायक होते हैं?

कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (जटिल कार्बोहाइड्रेट)

सभी प्रकार के कार्ब्स दिमाग को ज़्यादा सेरोटोनिन बनाने में काम आते हैं. 'अच्छा महसूस कराने वाले' रसायन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का सेवन करना सबसे अच्छा रहता है, क्योंकि इन्हें पचने में ज़्यादा समय लगता है. इसके लिए अच्छे ऑप्शनों में साबुत अनाज से बनी ब्रेड, पास्ता और नाश्ते में खाए जाने वाले अनाज (सीरियल्स),जिनमें पारंपरिक ओटमील भी शामिल है शामिल हैं. कॉम्प्लेक्स कार्ब्स रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) के लेवल को स्थिर रखकर आपको संतुलित महसूस कराने में भी मदद कर सकते हैं.

सिंपल कार्ब्स (सरल कार्बोहाइड्रेट)

आहार विशेषज्ञ (Dietitians) आमतौर पर सिंपल कार्ब्स से दूर रहने की सलाह देते हैं. इनमें मिठाइयां और सोडा शामिल हैं, लेकिन, जब बहुत ज़्यादा जरूरत हो, तो ये खाद्य पदार्थ आपको तुरंत राहत दे सकते हैं. ये जल्दी पच जाते हैं, जिससे सेरोटोनिन का लेवल अचानक बढ़ जाता है. फिर भी, इसका असर ज़्यादा देर तक नहीं रहता, और सिंपल कार्ब्स रक्त शर्करा के स्तर को भी अचानक बढ़ा सकते हैं. तनाव कम करने के लिए इससे बेहतर ऑप्शन भी मौजूद हैं. इसलिए, इन्हें तनाव दूर करने की अपनी आदत न बनाएं. आपको इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.

संतरे

संतरे इस लिस्ट में इसलिए शामिल हैं क्योंकि उनमें विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. स्टडी से पता चलता है कि यह विटामिन तनाव-हार्मोन के लेवल को कंट्रोल करने के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मज़बूत बनाता है. (हाई ब्लड प्रेशर) से पीड़ित लोगों पर किए गए एक स्टडी में यह पाया गया कि, जब लोगों ने किसी तनावपूर्ण कार्य को करने से पहले विटामिन C का सेवन किया, तो उनका रक्तचाप और कोर्टिसोल (एक तनाव-हार्मोन) का स्तर ज़्यादा तेज़ी से सामान्य हो गया.

पालक

शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर सिरदर्द और थकान की समस्या हो सकती है, जिससे तनाव के दुष्प्रभाव और भी बढ़ जाते हैं. एक कप पालक का सेवन करने से आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी पूरी हो जाती है. क्या आपको पालक पसंद नहीं है? कोई बात नहीं, अन्य हरी पत्तेदार सब्ज़ियां भी मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स होती हैं. इसके अलावा, आप पके हुए सोयाबीन या सैल्मन मछली के फ़िले (टुकड़े) का भी सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इनमें भी मैग्नीशियम की मात्रा काफ़ी अधिक होती है.

फैट वाली मछली

तनाव को काबू में रखने के लिए, नैचुरली फैट वाली मछलियों को अपनी डाइट में शामिल करें. सैल्मन और टूना जैसी मछलियों में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड, तनाव वाले हार्मोन के अचानक बढ़ने को रोक सकते हैं और दिल की बीमारी, डिप्रेशन और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) से बचाने में मदद कर सकते हैं. अच्छा महसूस कराने वाले ओमेगा-3 की हेल्दी सप्लाई के लिए, हफ्ते में कम से कम दो बार, कम से कम 3.5 औंस फैट वाली मछली खाने का लक्ष्य रखें.

ब्लैक टी

ब्लैक टी पीने से आपको तनाव वाली घटनाओं से ज़्यादा तेजी से उबरने में मदद मिल सकती है. एक स्टडी में उन लोगों की तुलना की गई, जिन्होंने 6 हफ़्तों तक रोज़ाना 4 कप चाय पी, उन लोगों से जिन्होंने कोई दूसरा ड्रिंक पिया. चाय पीने वालों ने बताया कि तनाव वाली स्थितियों के बाद उन्हें ज़्यादा शांति महसूस हुई और उनके शरीर में तनाव वाले हार्मोन कोर्टिसोल का लेवल कम था.

पिस्ता

पिस्ता, साथ ही दूसरे नट्स और बीज, हेल्दी फैट के अच्छे सोर्स हैं. रोजाना मुट्ठी भर पिस्ता, अखरोट या बादाम खाने से आपका कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है, आपके दिल की धमनियों में सूजन कम हो सकती है, डायबिटीज़ होने की संभावना कम हो सकती है, और आप तनाव के बुरे असर से बच सकते हैं. लेकिन, ज़्यादा न खाएं: नट्स में कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है.

एवोकाडो

हाई ब्लड प्रेशर कम करने का सबसे अच्छा तरीका है, पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम लेना और आधे एवोकाडो में एक मीडियम साइज़ के केले से भी ज़्यादा पोटैशियम होता है. जब तनाव की वजह से आपका मन कोई हाई-फैट वाली चीज़ खाने का करे, तो एवोकाडो से बना थोड़ा सा ग्वाकामोल एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. हालांकि, एवोकाडो में फैट और कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाएं.

बादाम

बादाम में कई फायदेमंद विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं. विटामिन E जो इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है, साथ ही B विटामिन, जो तनाव या डिप्रेशन के दौर में आपको ज़्यादा मजबूत बनाते हैं. इन फायदों को पाने के लिए, रोज़ाना एक चौथाई कप बादाम स्नैक के तौर पर खाएं.

कच्ची सब्ज़ियां

कुरकुरी कच्ची सब्ज़ियां, एक बिल्कुल मैकेनिकल तरीके से तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं. अजवाइन या गाजर की डंडियां चबाने से जबड़े की जकड़न दूर होती है, और इससे तनाव कम हो सकता है.

सोते समय का स्नैक

सोते समय कार्बोहाइड्रेट लेने से दिमाग में सेरोटोनिन नाम का केमिकल तेज़ी से रिलीज़ होता है, जिससे आपको बेहतर नींद आती है. चूंकि सोने से ठीक पहले भारी खाना खाने से सीने में जलन हो सकती है, इसलिए कुछ हल्का-फुल्का ही खाएं.

दूध

सोते समय तनाव दूर करने का एक और आजमाया हुआ तरीका है. एक गिलास गर्म दूध पीना. रिसर्च से पता चलता है कि कैल्शियम तनाव और पीएमएस से जुड़े मूड स्विंग्स को कम करता है. आहार विशेषज्ञ आमतौर पर स्किम्ड या लो-फैट दूध पीने की सलाह देते हैं.

एक्सरसाइज से तनाव कम करें

अपने आहार में बदलाव के अलावा, तनाव कम करने की सबसे अच्छी रणनीतियों में से एक है व्यायाम शुरू करना. एरोबिक व्यायाम ऑक्सीजन के संचार को बढ़ाता है.

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तनाव का मैनेजमेंट सेहत के लिए बहुत जरूरी क्योंकि बहुत ज़्यादा तनाव आपके लिए हानिकारक होता है.
Priya Gupta
Priya Gupta

Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative