नई दिल्ली: वसा हमारे शरीर के लिए ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह शरीर को आवश्यक शक्ति प्रदान करती है और मांसपेशियों और अंगों के सही कामकाज के लिए जरूरी है। लेकिन जब रक्त में वसा की मात्रा सामान्य से अधिक बढ़ जाती है, तो ट्राइग्लिसराइड का स्तर भी बढ़ जाता है।

यह केवल एक सामान्य समस्या नहीं है, बल्कि पूरे शरीर के लिए चेतावनी का संकेत है। बढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह, जोड़ों के दर्द और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआत कर सकते हैं।

अकसर लोग ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल को एक ही मान लेते हैं, जबकि ये दोनों अलग-अलग प्रकार के फैट्स हैं। ट्राइग्लिसराइड शरीर में कोशिकाओं में जमा होता है और ऊर्जा प्रदान करता है।

सही स्तर पर यह गुड कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस को नियंत्रित करता है, शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करता है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है। वहीं कोलेस्ट्रॉल का मुख्य कार्य कोशिकाओं के निर्माण, हार्मोन और विटामिन के उत्पादन में मदद करना है।

ट्राइग्लिसराइड के स्तर बढ़ने के मुख्य कारणों में अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन, मोटापा, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड, शारीरिक गतिविधियों की कमी और शराब तथा तंबाकू का सेवन शामिल हैं। सामान्य रूप से ट्राइग्लिसराइड का स्तर 150 एमजी/डीएल होना चाहिए। यदि यह स्तर इससे अधिक हो, तो सावधानी रखना बेहद जरूरी है।

इसे नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर दवाओं का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन आयुर्वेदिक और जीवनशैली आधारित उपाय भी कारगर हैं। सबसे पहले आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करना चाहिए, खासकर उन लोगों के लिए जो शारीरिक गतिविधि कम करते हैं। गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा, रागी और अन्य मिलेट्स में कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है, इसलिए इनकी मात्रा नियंत्रित रखना जरूरी है।

दूसरा, आहार में हेल्दी फैट्स को शामिल करें, जैसे देसी घी, मक्खन, सरसों का तेल और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल। इसके साथ ही रोजाना कम से कम एक घंटे का व्यायाम करना महत्वपूर्ण है। यह व्यायाम वॉक, योग या हल्की कसरत के रूप में हो सकता है।

इसके अलावा, बार-बार खाने की आदत ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनाना चाहिए, यानी रोजाना 14-16 घंटे तक भोजन से विराम रखना। इस तरह शरीर के मेटाबॉलिज्म में सुधार आता है और वसा का स्तर नियंत्रित रहता है।

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही जीवनशैली अपनाकर ट्राइग्लिसराइड के स्तर को सुरक्षित सीमा में रखा जा सकता है और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सकता है। (With inputs from IANS)

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बढ़ते ट्राइग्लिसराइड स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी हैं और इसे नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम अपनाना महत्वपूर्ण है।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.