अस्थमा से बचना है तो बदलें अपनी डाइट, नई स्टडी का दावा, 'मेडिटेरेनियन डाइट' से 42% तक कम हो सकता है अस्थमा का खतरा

खान-पान का हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक खास तरह की डाइट आपको सांस की गंभीर बीमारी 'अस्थमा' से भी बचा सकती है? स्पेन में हुई एक लंबी रिसर्च (SUN प्रोजेक्ट) के चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं. इस शोध के अनुसार, जो वयस्क 'मेडिटेरेनियन डाइट' (Mediterranean Diet) का पालन करते हैं, उनमें अस्थमा विकसित होने का खतरा काफी कम हो जाता है.
क्या है यह नई रिसर्च?
यूनिवर्सिटी ऑफ नवर्रा (Spain) के शोधकर्ताओं ने 17,127 वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया। ये सभी लोग अध्ययन की शुरुआत में पूरी तरह स्वस्थ थे। लगभग 12.8 वर्षों तक उनके खान-पान और स्वास्थ्य पर नजर रखी गई.
अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने भूमध्यसागरीय आहार (Mediterranean Diet) को सख्ती से अपनाया, उनमें अस्थमा होने का जोखिम उन लोगों की तुलना में 42% कम था, जो इस डाइट का पालन नहीं करते थे।
क्या होती है मेडिटेरेनियन डाइट? (What is Mediterranean Diet?)
यह डाइट मुख्य रूप से भूमध्य सागर के आस-पास के देशों (जैसे ग्रीस, इटली, स्पेन) के पारंपरिक भोजन पर आधारित है.प्रचुर मात्रा में फल, सब्जियां, फलियां (दालें), साबुत अनाज, मेवे (Nuts) और जैतून का तेल (Olive Oil)इसमें मछली का सेवन भी शामिल है.रेड मीट (लाल मांस) और प्रोसेस्ड मीट का बहुत कम सेवन.विशेषज्ञों का मानना है कि इस डाइट में भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और शरीर की सूजन कम करते हैं।
अस्थमा और खान-पान का संबंध
अस्थमा को अक्सर प्रदूषण या एलर्जी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह स्टडी साबित करती है कि हमारी जीवनशैली और भोजन भी इसके बड़े कारक हैं. शोध के दौरान 302 नए अस्थमा के मामले सामने आए। डेटा विश्लेषण से साफ हुआ कि जैसे-जैसे डाइट का स्कोर (MDS) बढ़ा, अस्थमा का खतरा कम होता गया.


