पानी की कमी महज 'प्यास' नहीं, सेहत के लिए भी बन सकती है बड़ा खतरा

नई दिल्ली: पानी हमारे शरीर के सभी अंगों के सही कामकाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। आयुर्वेद में इसे जीवन का मूल तत्व माना गया है। लेकिन आज की तेज-तर्रार जिंदगी और काम के दबाव के कारण अक्सर हम पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। यह छोटी सी लापरवाही समय के साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
पानी की कमी सबसे पहले मुंह पर असर डालती है। पर्याप्त पानी न पीने पर मुंह में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे सांसों में दुर्गंध आती है। आयुर्वेद भी मुंह की सफाई को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
बाल और स्कैल्प के लिए भी पानी जरूरी है। शरीर में पानी की कमी से स्कैल्प सूख जाता है और बाल कमजोर होकर जल्दी झड़ने लगते हैं। बालों की जड़ों तक पोषण पानी के माध्यम से ही पहुंचता है, इसलिए बालों का गिरना केवल उम्र या मौसम की वजह से नहीं, बल्कि पानी की कमी का संकेत भी हो सकता है।
खून और ब्लड सर्कुलेशन पर भी पानी का बड़ा असर है। कम पानी पीने से हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो सकती है और धीरे-धीरे एनीमिया जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। पानी ब्लड को पतला करके पूरे शरीर में पोषण पहुँचाता है।
दिमाग के लिए भी जल अत्यंत आवश्यक है। पानी की कमी से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स और तनाव जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। आयुर्वेद के अनुसार दिमाग की स्पष्टता और स्थिरता के लिए जल का महत्व है।
शक्ति और ऊर्जा के लिए भी पानी जरूरी है। शरीर में पानी कम होने पर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है। पानी कोशिकाओं को सक्रिय और हाइड्रेटेड रखता है और मेटाबॉलिज्म को सुचारू बनाए रखता है।
त्वचा की खूबसूरती भी पर्याप्त जल पर निर्भर करती है। पानी की कमी से त्वचा रूखी, बेजान और थकी हुई दिखने लगती है। लंबे समय तक जल की कमी झुर्रियों और त्वचा की चमक कम होने का कारण बन सकती है। आयुर्वेद में भी त्वचा की स्वास्थ्य और प्राकृतिक चमक के लिए जल का महत्व बताया गया है। (With inputs from IANS)


