आजकल नमक को लेकर लोगों में काफी उलझन रहती है. बाजार में सफेद नमक और गुलाबी नमक दोनों उपलब्ध हैं. अक्सर यह सवाल उठता है कि इनमें से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है. आयुर्वेद के अनुसार, गुलाबी नमक को सामान्य तौर पर सफेद नमक से बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें सिर्फ सोडियम ही नहीं, बल्कि आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे कई खनिज तत्व भी पाए जाते हैं। ये शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करते हैं.

गुलाबी नमक को ज्यादा फायदेमंद माना गया है

आयुर्वेद में सफेद नमक की तुलना में गुलाबी नमक को ज्यादा फायदेमंद माना गया है, क्योंकि इसमें सोडियम के साथ अन्य खनिज भी मौजूद होते हैं, जो शरीर को रोगमुक्त करने में मदद करते हैं. गुलाबी नमक में आयरन, पोटेशियम व मैग्नीशियम पाया जाता है, जो कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वहीं सफेद नमक हाई-प्रोसेस्ड नमक होता है, जिसमें सोडियम और आयोडीन दोनों ही ज्यादा होता है.

आयरन, पोटेशियम व मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होती है

आयरन, पोटेशियम व मैग्नीशियम होने की वजह से गुलाबी नमक सफेद नमक की तुलना में ज्यादा फायदेमंद है। गुलाबी नमक कम प्रोसेस्ड होता है, हालांकि गुलाबी नमक में आयोडीन नहीं होता है और सफेद नमक में आयोडीन अलग से मिलाया जाता है। अगर थायरॉयड और गलघोंटू जैसी बीमारी है तो सफेद नमक का सेवन करना ज्यादा लाभकारी है, क्योंकि थायरॉयड और गलघोंटू जैसे रोग आयोडीन की कमी से ही होते हैं, हालांकि सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए.

मरीज गुलाबी नमक का सेवन कम मात्रा में कर सकते हैं

गुलाबी नमक कम प्रोसेस्ड होता है और खनिज तत्व भी ज्यादा पाए जाते हैं. ऐसे में गुलाबी नमक पचने में आसान होता है और सूजन को भी कम करने में मदद मिलती है, जबकि सोडियम की अधिकता से सफेद नमक सूजन का कारण बनता है और मांसपेशियों में पानी भरने के रोग का खतरा भी बना रहता है. हृदय से जुड़े रोगों में सफेद नमक, गुलाबी नमक की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि सोडियम की मात्रा उच्च होती है. ऐसे में मरीज गुलाबी नमक का सेवन कम मात्रा में कर सकते हैं. सेवन से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें.

input IANS

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आजकल नमक को लेकर लोगों में काफी उलझन रहती है. बाजार में सफेद नमक और गुलाबी नमक दोनों उपलब्ध हैं. लेकिन सही कौन सा है?
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