14 जनवरी को पूरे देश में मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार केवल धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध प्रकृति, मौसम और स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति उस समय आती है जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी खगोलीय परिवर्तन के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगते हैं।

मकर संक्रांति के मौके पर तिल और गुड़ के सेवन को विशेष महत्व दिया जाता है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य लाभों के कारण अपनाई जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, जब सूर्य उत्तरायण होते हैं, तब शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। सर्दियों के इस समय में ठंड अपने चरम पर होती है। बाहर मौसम भले ही साफ हो, लेकिन ठंड का असर शरीर पर गहराई से पड़ता है।

आयुर्वेद मानता है कि इस मौसम में शरीर में वात दोष बढ़ जाता है। इसका असर जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों पर दिखाई देता है। जोड़ों में दर्द, अकड़न, मांसपेशियों में खिंचाव, पाचन शक्ति का कमजोर होना और रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना आम समस्याएं बन जाती हैं। इन्हीं कारणों से मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ खाने की परंपरा शुरू हुई।

तिल और गुड़ दोनों की तासीर गर्म होती है। ये शरीर में अंदरूनी गर्माहट बनाए रखते हैं, सर्दी के कारण होने वाले रूखेपन से बचाते हैं और वात दोष को संतुलित करने में मदद करते हैं। गुड़ में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो खून की कमी को दूर करने और शरीर को ताकत देने में सहायक होता है।

भारत के कई हिस्सों में मकर संक्रांति पर बाजरे की खिचड़ी, उड़द दाल और मौसमी सब्जियों से बनी खिचड़ी खाने की परंपरा भी है। ये सभी खाद्य पदार्थ शरीर को गर्म रखने वाले होते हैं और सर्दियों में ऊर्जा प्रदान करते हैं।

आयुर्वेद में मकर संक्रांति के दिन तिल का सेवन करने के साथ-साथ तिल के तेल से मालिश करने की भी सलाह दी जाती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए सर्दियों में तिल के तेल से जोड़ों की मालिश बहुत लाभकारी मानी जाती है। इससे शरीर को ठंड से बचाव मिलता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

इस तरह मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मौसम के अनुसार शरीर की देखभाल करने का संदेश भी देती है, जिसमें तिल और गुड़ अहम भूमिका निभाते हैं।

With Inputs From IANS

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14 जनवरी को देशभर में मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग पारंपरिक तरीकों से मनाया जा रहा है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.