वर्ल्ड प्रोटीन डे 2026: क्या चिकन में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है? इन 2 शाकाहारी चीजों के सामने चिकन भी फेल!

जब भी प्रोटीन की बात आती है, तो अधिकतर लोग सबसे पहले चिकन का नाम लेते हैं. मांसपेशियों की मरम्मत, इम्युनिटी और हार्मोनल संतुलन के लिए प्रोटीन अनिवार्य है.USDA के अनुसार, 100 ग्राम चिकन में लगभग 27 ग्राम प्रोटीन होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ शाकाहारी खाद्य पदार्थ ऐसे भी हैं जिनमें चिकन से भी कहीं अधिक प्रोटीन पाया जाता है? इस वर्ल्ड प्रोटीन डे 2026 पर, आइए जानते हैं उन दो 'वेजिटेरियन पावरहाउस' के बारे में जो आपकी प्रोटीन की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं.
सोयाबीन (Soybean): शाकाहारियों का सुपरफूड
सोयाबीन प्रोटीन के मामले में चिकन को भी पीछे छोड़ देता है. इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड होते हैं, जो इसे एक 'कम्प्लीट प्रोटीन' बनाते हैं. लगभग 36 ग्राम प्रति 100 ग्राम (चिकन से 9 ग्राम अधिक). यह न केवल मांसपेशियों को बनाता है, बल्कि इसमें मौजूद फाइबर पाचन में सुधार करता है और अनसैचुरेटेड फैट्स दिल की सेहत के लिए अच्छे होते हैं.सोया चंक्स (Soya Chunks) प्रोसेस्ड होते हैं लेकिन उनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक (लगभग 52 ग्राम) होती है. हालांकि, साबुत सोयाबीन में फाइबर और मिनरल्स बेहतर होते हैं. आप उबले हुए सोयाबीन को सलाद में डाल सकते हैं, इसकी करी बना सकते हैं या इसके आटे को रोटियों में मिला सकते हैं. टोफू और सोया मिल्क भी बेहतरीन विकल्प हैं
हेम्प सीड्स (Hemp Seeds): छोटे बीज, बड़े फायदे
भारत में फिटनेस प्रेमियों के बीच हेम्प सीड्स (भांग के बीज) काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. ये बीज न केवल प्रोटीन, बल्कि ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-E का भी खजाना हैं. लगभग 31-33 ग्राम प्रति 100 ग्राम प्रोटिन पाया जाता है. ये मैग्नीशियम, आयरन और जिंक से भरपूर होते हैं. यह हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और त्वचा को चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं. इनका स्वाद हल्का अखरोट जैसा होता है. आप इन्हें स्मूदी, ओट्स, या दही के ऊपर छिड़क कर खा सकते हैं.
क्या ये चीजें चिकन की जगह ले सकती हैं?
पोषण विशेषज्ञ रूपाली दत्ता के अनुसार, "प्रोटीन सिर्फ मात्रा के बारे में नहीं है. सोया और हेम्प सीड्स जैसे पौधे-आधारित खाद्य पदार्थ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भी प्रदान करते हैं, जो चिकन में नहीं मिलते." हालांकि, चिकन की जगह इन्हें पूरी तरह रिप्लेस करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि इन्हें उतनी बड़ी मात्रा में खाना व्यावहारिक नहीं है. लेकिन, अपनी डाइट में इन्हें शामिल करने से आपको प्रोटीन के साथ-साथ 'प्रोटेक्शन' (हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य) भी मिलता है.


