नई दिल्ली: हमारी आधुनिक जीवनशैली और गड़बड़ भोजन धीरे-धीरे शरीर की सेहत को प्रभावित करते हैं। अनियमित दिनचर्या, तनाव और पोषण की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप जोड़ों में दर्द, पीठ दर्द, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में प्राकृतिक उपायों का सहारा लेना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है और इस दिशा में तिल का सेवन एक सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है।

तिल के बीज छोटे होते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं। इनमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे आवश्यक मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस उनकी संरचना और मजबूती को बेहतर बनाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, तिल का नियमित सेवन हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है, जो खासकर महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ आम होती हैं।

सिर्फ हड्डियों ही नहीं, तिल जोड़ों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को नियंत्रित करते हैं। अर्थराइटिस या जोड़ों की जकड़न जैसी समस्याओं में तिल का सेवन राहत देने वाला साबित होता है। आयुष मंत्रालय भी तिल के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालता है और इसे हड्डियों और जोड़ों के लिए एक भरोसेमंद साथी बताता है।

तिल को आहार में शामिल करना आसान है। इसे भूनकर सीधे खाया जा सकता है, सलाद या दही में मिलाया जा सकता है, या तिल और गुड़ के लड्डू बनाकर सेवन किया जा सकता है। सर्दियों में तिल-गुड़ के लड्डू विशेष रूप से लोकप्रिय हैं क्योंकि ये शरीर को गर्म रखने के साथ-साथ हड्डियों की मजबूती में भी मदद करते हैं। काले और सफेद दोनों तरह के तिल स्वास्थ्यवर्धक हैं, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन से कैलोरी बढ़ सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तिल जैसे पोषक तत्वों का संयोजन हड्डियों को जीवनभर मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए हड्डियों की सुरक्षा और जोड़ों की मजबूती के लिए तिल को अपनी डाइट में शामिल करना एक आसान और प्रभावी कदम है।

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तिल में भरपूर कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है और सेहतमंद बनाए रखता है।
Stuti Tiwari
Stuti Tiwari

Stuti Tiwari joined Medical Dialogues in 2025 as a Hindi Content Writing Intern. She is currently pursuing a Bachelor’s degree in Journalism from the University of Delhi. With a strong interest in health journalism, digital media, and storytelling, Stuti focuses on writing, editing, and curating Hindi health content. She works on producing informative, engaging, and accurate articles to make healthcare news and updates more understandable and relatable for Hindi-speaking audiences.