रोजाना सिर्फ 5 मिनट की एक्स्ट्रा पैदल चाल बचा सकती है लाखों जान, लैंसेट की नई स्टडी

क्या आप जानते हैं कि लंबी उम्र पाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं है? नॉर्वेजियन स्कूल ऑफ स्पोर्ट साइंसेज और उप्साला यूनिवर्सिटी के एक नए इंटरनेशनल स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. रिसर्च के अनुसार, मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्गों में रोजाना मात्र 5 मिनट की एक्स्ट्रा तेज सैर (Brisk Walk) मृत्यु दर को काफी हद तक कम कर सकती है. यह शोध नॉर्वे, स्वीडन, ब्रिटेन और अमेरिका के 1,35,000 से अधिक लोगों के डेटा पर आधारित है.
अध्ययन में शामिल लोगों की औसत आयु 64 वर्ष थी. रिसर्चर ने पाया कि शारीरिक गतिविधियों में मामूली बदलाव भी सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं. अगर लोग अपनी डेली गतिविधि में केवल 5 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि (जैसे 5 किमी/घंटा की गति से चलना) बढ़ा दें, तो कुल मौतों में से 10 प्रतिशत को रोका जा सकता है.जो लोग दिन भर में बमुश्किल 2 मिनट सक्रिय रहते थे, उनके लिए केवल 5 मिनट की वॉक 6 प्रतिशत मौतों को टालने में सहायक पाई गई. रिसर्च में यह भी सामने आया कि दिन भर में बैठने (Sedentary time) के समय को 30 मिनट कम करने से मृत्यु दर में 7 प्रतिशत की कमी आ सकती है.
सटीक डेटा और सेंसर का उपयोग
इस अध्ययन की खासियत यह है कि इसमें प्रतिभागियों की गतिविधि मापने के लिए एक्सेलेरोमीटर (Accelerometer) सेंसर का उपयोग किया गया था. रिसर्चर ने औसतन 8 सालों तक इन लोगों की जीवनशैली और स्वास्थ्य पर नजर रखी.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?
स्टडी के मुख्य लेखक प्रोफेसर उल्फ एकेलुंड के अनुसार, "हमारे परिणाम बताते हैं कि शारीरिक गतिविधि में छोटे बदलाव सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो बिल्कुल सक्रिय नहीं हैं. उप्साला यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीटर नॉर्डस्ट्रॉम ने कहा, "यह देखना सुखद और हैरान करने वाला था कि केवल 5 मिनट की वृद्धि मृत्यु दर में इतनी बड़ी गिरावट ला सकती है.
सावधानी और सुझाव
हालांकि यह एक 'ऑब्जर्वेशनल स्टडी' है, जिसका अर्थ है कि यह सीधे तौर पर कारण और प्रभाव का दावा नहीं करती (क्योंकि इसमें आनुवंशिक कारक भी हो सकते हैं), लेकिन यह स्पष्ट है कि सक्रिय रहना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. यह अध्ययन किसी व्यक्ति के लिए दवा का नुस्खा नहीं है, बल्कि सरकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए एक संकेत है कि वे लोगों को थोड़ा और सक्रिय होने के लिए प्रेरित करें.


