देश में खोले गए 12,500 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लोगों को मिलेंगी पारंपरिक स्वास्थ्य और मेडिकल सेवाएं

नई दिल्ली: देशभर में 12,500 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) शुरू किए जा चुके हैं। यह जानकारी आयुष मंत्रालय ने रविवार को साझा की।
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के माध्यम से बताया कि समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए भारत को सशक्त बनाने के उद्देश्य से देश के विभिन्न हिस्सों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं। मंत्रालय का प्रयास है कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से आयुष सेवाओं को अंतिम मील तक पहुंचाया जा रहा है। इसी दिशा में अब तक कुल 12,500 केंद्र कार्यरत हो चुके हैं।
आयुष मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 मार्च 2020 को आयुष मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस प्रस्ताव के तहत आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच चरणबद्ध तरीके से 12,500 आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित किए जाने थे। ये केंद्र केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के व्यापक ढांचे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
मंत्रालय का उद्देश्य एक ऐसा समग्र स्वास्थ्य मॉडल विकसित करना है, जिससे बीमारियों का बोझ कम हो, लोगों के जेब से होने वाला खर्च घटे और आम जनता को स्वास्थ्य से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेने का अवसर मिले।
इन केंद्रों की प्रमुख विशेषताओं में मानक प्रोटोकॉल के जरिए व्यापक देखभाल, मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ कार्यात्मक एकीकरण, बुनियादी ढांचे का उन्नयन, स्व-देखभाल को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक भागीदारी, स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता वृद्धि, उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों, आयुष शैक्षणिक संस्थानों, प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठनों और ट्रस्टों के साथ सहयोग, तथा आईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावी प्रलेखन शामिल हैं। (With inputs from IANS)


