मैसूरु जिले में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए हालिया सर्वे में पाया गया कि कक्षा 1 से 12वीं तक के लगभग 7 प्रतिशत बच्चे हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) से जूझ रहे हैं. यह स्क्रीनिंग 'राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम' (RBSK) 2025-26 के तहत की गई थी.

राज्यव्यापी जांच के मुख्य आंकड़े

मई से नवंबर 2025 के बीच पूरे राज्य में एक बड़ा अभियान चलाया गया. आंगनवाड़ी और सरकारी स्कूलों के लगभग 46.3 लाख बच्चों और किशोरों की जांच की गई. पूरे राज्य में 5.7 लाख बच्चे हाइपरटेंशन से पीड़ित पाए गए.अकेले मैसूरु जिले में 28,466 बच्चों में हाई बीपी की पुष्टि हुई.सर्वे के अनुसार, लड़कियों की तुलना में लड़के इस समस्या से अधिक प्रभावित पाए गए हैं.

बच्चों में हाई बीपी के कारण

नमक, चीनी और 'अल्ट्रा-प्रोसेस्ड' (डिब्बाबंद) जंक फूड का अत्यधिक सेवन. शारीरिक गतिविधियों की कमी और व्यायाम न करना. मोबाइल फोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल और पढ़ाई या अन्य कारणों से होने वाला मानसिक तनाव. परिवार में बीपी की बीमारी का इतिहास होना.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

सोसाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी, डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि पहले हाई ब्लड प्रेशर की समस्या 50-60 साल की उम्र में होती थी, लेकिन अब यह छोटे बच्चों और किशोरों में भी देखी जा रही है. इसे "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते, लेकिन लंबे समय में यह दिल की बीमारी, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारी बन सकता है.

सरकार ने उठाए ये कदम

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.सी. कुमारस्वामी ने बताया कि विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए ठोस योजना बनाई है. निदान किए गए बच्चों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में दवाएं और परामर्श दिया जा रहा है. शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को जंक फूड से बचने, अच्छी भोजन आदतों को अपनाने और नियमित एक्सरसाइज के लिए प्रोत्साहित करें.

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आज-कल कम उम्र में भी बच्चे हायपरटेंशन का शिकार हो रहे हैं. मयूर में 7 प्रतिशत बच्चे हायपरटेंशन से जूझ रहे हैं.
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.