तमिलनाडु सरकार ने 'आलमंड किट' कफ सिरप पर बैन लगाया

तमिलनाडु सरकार ने कफ सिरप 'आलमंड किट' के निर्माण, बिक्री, वितरण और सेवन पर रोक लगाने का फैसला लिया है. राज्य के मादक पदार्थ नियंत्रण विभाग ने बताया कि लैब टेस्ट में सिरप में अत्यधिक जहरीला केमिकल पाया गया है. अधिकारियों के अनुसार, बिहार में बनी इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल मिला हुआ पाया गया, जो एक ऐसा पदार्थ है जिससे गंभीर और कभी-कभी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.
फार्मेसियों को तुरंत इस प्रोडक्ट हटाने के निर्देश
तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल निदेशालय ने चेतावनी दी है कि इस सिरप के सेवन से किडनी फेलियर और दिमाग व फेफड़ों को नुकसान हो सकता है. कुछ गंभीर मामलों में मौत भी हो सकती है. ड्रग कंट्रोल निदेशालय ने पूरे तमिलनाडु में सभी मेडिकल दुकानों, वितरकों, अस्पतालों और फार्मेसियों को तुरंत इस प्रोडक्ट को बिक्री से हटाने का निर्देश दिया है.
जिस भी संस्था ने यह सिरप सप्लाई या बेची है, उसे बिना किसी देरी के अधिकारियों को इसकी सूचना देने का निर्देश दिया गया है. उपभोक्ताओं को विशेष रूप से बैच नंबर एएल24002 की जांच करने और इस सिरप का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करने की सलाह दी गई है. जिन लोगों के पास यह दवा है, उनसे सलाह के लिए अधिकारियों से संपर्क करने का आग्रह किया गया है.
अस्पतालों में निरीक्षण व निगरानी भी बढ़ा दी है
निदेशालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर की फार्मेसियों और अस्पतालों में निरीक्षण व निगरानी भी बढ़ा दी है कि सिरप को पूरी तरह से सर्कुलेशन से हटा दिया जाए. स्पष्टीकरण, शिकायतों या आगे के निर्देशों के लिए जनता से व्हाट्सएप के माध्यम से 94458 65400 पर निदेशालय से संपर्क करने के लिए कहा गया है.
ड्रग कंट्रोल निदेशालय ने जनता से दवाएं खरीदते समय सतर्क रहने, लेबल और बैच नंबरों की सावधानीपूर्वक जांच करने व किसी भी संदिग्ध या घटिया दवा की तुरंत रिपोर्ट करने की भी अपील की है. सरकार ने कहा है कि मरीजों तक सिर्फ सुरक्षित और क्वालिटी वाली दवाएं ही पहुंचें, वह मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करती रहेगी. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एथिलीन ग्लाइकोल का दवा बनाने में कोई काम नहीं है. आमतौर पर औद्योगिक एंटीफ्रीज में इसका उपयोग किया जाता है.


