नई दिल्ली: असंतुलित और भागदौड़ भरी जीवनशैली लोगों को धीरे-धीरे शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी कमजोर बना रही है। ऐसे में योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है। योग विशेषज्ञ विशेष रूप से हृदय मुद्रा के अभ्यास की सलाह देते हैं, जिसे अपान वायु मुद्रा या मृतसंजीवनी मुद्रा भी कहा जाता है।

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, हृदय मुद्रा हृदय स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिरता के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह एक सरल हस्त मुद्रा है, जो प्राण ऊर्जा को हाथों के माध्यम से हृदय क्षेत्र की ओर प्रवाहित करती है। इससे हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है और संबंधित नाड़ियां सक्रिय होती हैं।

नियमित अभ्यास से यह मुद्रा हृदय को मजबूत बनाने के साथ-साथ भावनात्मक तनाव को कम करने में भी मदद करती है। यह भीतर दबे भावों को बाहर निकालने में सहायक होती है और मानसिक तनाव या संकट की स्थिति में राहत प्रदान करती है। हृदय मुद्रा अनाहत चक्र को संतुलित करती है, जिससे मन में शांति, प्रेम और संतुलन की भावना विकसित होती है।

इसके अतिरिक्त, यह रक्त संचार को बेहतर बनाती है, तंत्रिका तंत्र को शांत करती है और हृदय संबंधी समस्याओं में सहायक हो सकती है। इसे घर पर आसानी से किया जा सकता है।

अभ्यास के लिए सुखासन या पद्मासन में सीधे बैठें। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें। तर्जनी उंगली को मोड़कर अंगूठे के आधार से लगाएं। फिर मध्यमा और अनामिका उंगलियों के सिरों को अंगूठे के सिरे से स्पर्श कराएं। छोटी उंगली सीधी और ढीली रखें। आंखें बंद कर गहरी सांस लें और ध्यान हृदय क्षेत्र पर केंद्रित करें। विशेषज्ञ प्रतिदिन 10 से 30 मिनट तक इसका अभ्यास करने की सलाह देते हैं।

यह मुद्रा सरल है और हर आयु वर्ग के लोग इसे कर सकते हैं। हालांकि, गंभीर हृदय रोग से पीड़ित लोग इसे शुरू करने से पहले योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। (With inputs from IANS)

IANSHridaya MudraHeart healthYoga for heart

Topic:

हृदय मुद्रा नियमित करने से तनाव कम होता है, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और हृदय की कार्यक्षमता मजबूत होती है।
Khushi Chittoria
Khushi Chittoria

Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.