हर दिन बस 5 मिनट सही से कर लें ये आसन, बढ़ेगी फ्लेक्सिबिलिटी और संतुलन

नई दिल्ली: अक्सर हमें लगता है कि फिट रहने के लिए घंटों जिम में मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन अगर सही योगासन नियमित रूप से और सही तरीके से किया जाए तो कम समय में भी बेहतरीन नतीजे मिल सकते हैं। ऐसा ही एक प्रभावी आसन है पूर्ण शलभासन।
शुरुआत में यह आसन थोड़ा कठिन लग सकता है, क्योंकि इसमें पीठ, कंधों और पैरों की ताकत के साथ संतुलन की भी आवश्यकता होती है। लेकिन जब आप इसे धीरे-धीरे सीखते हैं और रोज़ केवल 5 मिनट अभ्यास करते हैं, तो शरीर इसमें सहज होने लगता है।
इसे करने के लिए पेट के बल लेटकर सामान्य शलभासन की स्थिति में आएं। फिर दोनों पैरों को ऊपर उठाएं और शरीर का संतुलन कंधों, ठोड़ी और भुजाओं पर बनाए रखें। शुरुआत में पैरों को अधिक ऊंचाई तक उठाने की जरूरत नहीं है—जितना आरामदायक लगे, उतना ही करें।
नियमित अभ्यास से पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पैरों में लचीलापन बढ़ता है। जब शरीर अभ्यस्त हो जाए, तो पैरों को और ऊपर ले जाकर संतुलन साधने की कोशिश करें और घुटनों को मोड़कर पंजों से सिर छूने का प्रयास करें।
यह आसन न केवल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है, बल्कि शरीर का संतुलन भी सुधारता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों या कमर में जकड़न महसूस करने वालों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है। इससे रीढ़ में खिंचाव आता है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस करता है। मानसिक रूप से भी यह एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है, क्योंकि संतुलन बनाए रखने के लिए मन का शांत रहना जरूरी है।
नियमित अभ्यास से पोस्चर सुधर सकता है, पेट और कमर के आसपास की अतिरिक्त चर्बी घटाने में मदद मिल सकती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। हालांकि इसे बिना झटके और बिना जोर लगाए करें, वरना खिंचाव आ सकता है। सांसों पर ध्यान रखते हुए हर मूवमेंट को नियंत्रित ढंग से करें। शुरुआत में आसन पूरी तरह न बने तो हताश न हों—लगातार अभ्यास से धीरे-धीरे सफलता मिलती है। (With inputs from IANS)


