अनिद्रा से हैं परेशान? इन 7 योगासनों से पाएं गहरी और सुकून भरी नींद

नई दिल्ली: आजकल बहुत से लोग अनिद्रा यानी नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी नींद नहीं आती, बार-बार करवट बदलनी पड़ती है या थोड़ी देर सोने के बाद अचानक नींद खुल जाती है। इसके परिणामस्वरूप अगले दिन शरीर और मन दोनों पर असर पड़ता है। व्यक्ति थकान महसूस करता है, सिर भारी रहता है और काम में ध्यान बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।
अनिद्रा के पीछे अक्सर कई कारण होते हैं, जैसे तनाव, गलत खान-पान, ज्यादा चाय या कॉफी का सेवन, और शारीरिक गतिविधियों की कमी। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और आसान उपाय बन जाता है, जो शरीर और मन को आराम देकर नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।
सबसे पहले आप हस्त उत्तानासन कर सकते हैं। इसके लिए सीधे खड़े हों और पैरों के बीच हल्का अंतर रखें। सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और शरीर को धीरे-धीरे पीछे झुकाएं। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहें और सामान्य सांस लें। फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
दूसरा आसन है पादहस्तासन। सीधे खड़े होकर हाथों को ऊपर उठाएं, फिर सांस छोड़ते हुए कमर से झुकते हुए आगे की ओर झुकें और हाथों से जमीन को छूने का प्रयास करें। कुछ समय इसी स्थिति में रहें और धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
तीसरा आसन भद्रासन है। जमीन पर बैठें, दोनों पैरों के तलवों को मिलाएं और हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ें। कमर सीधी रखें और आराम से सांस लेते-छोड़ते रहें।
इसके बाद योग मुद्रासन का अभ्यास करें। पद्मासन या अर्ध पद्मासन में बैठें, कमर सीधी रखें और हाथों को पीछे ले जाकर एक हाथ से दूसरे हाथ की कलाई पकड़ें। धीरे-धीरे आगे झुकें और कुछ समय तक इस स्थिति में रहें।
पाँचवां आसन भुजंगासन है। पेट के बल लेटें, हथेलियों को छाती के पास रखें और सांस लेते हुए गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुकें और धीरे-धीरे वापस आएं। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और तनाव कम होता है।
इसके बाद नाड़ी शोधन प्राणायाम करें। आराम से बैठें, कमर सीधी रखें। दाहिने हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें और बाईं नासिका से धीरे-धीरे सांस लें। फिर बाईं नासिका बंद करके दाईं से सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को कुछ मिनट तक दोहराएं।
अंत में ध्यान का अभ्यास करें। ध्यान मुद्रा में बैठें, हथेलियों को एक-दूसरे पर रखें, गर्दन और कंधे सीधे रखें। श्वास पर ध्यान केंद्रित करें, लंबी और गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।
इन योगासनों और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से न केवल नींद में सुधार आता है, बल्कि तनाव कम होता है, शरीर लचीला बनता है और मानसिक शांति भी मिलती है। यह पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक, सरल और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए सुरक्षित है। (With inputs from IANS)


