नई दिल्ली: आज की तेज़ रफ्तार और व्यस्त जीवनशैली में अनिद्रा यानी इंसोम्निया एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। कई लोग ऐसे हैं जिन्हें रात में ठीक से नींद नहीं आती या फिर एक बार नींद खुल जाने के बाद दोबारा सो पाना मुश्किल हो जाता है। पर्याप्त और गहरी नींद न मिल पाने के कारण अगले दिन शरीर में थकान, कमजोरी, ऊर्जा की कमी, शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। इसका सीधा असर व्यक्ति की कार्यक्षमता और दैनिक जीवन पर पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अनिद्रा के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान, चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी प्रमुख हैं। इन्हीं समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने और स्वस्थ जीवन के लिए नींद के महत्व को समझाने के उद्देश्य से हर साल 13 मार्च को ‘विश्व निद्रा दिवस’ मनाया जाता है।

योग और प्राणायाम का नियमित अभ्यास अनिद्रा की समस्या को कम करने में काफी मददगार माना जाता है। योगासन शरीर को आराम देने के साथ-साथ मन को भी शांत करते हैं, जिससे बेहतर और गहरी नींद आने में सहायता मिलती है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार कुछ विशेष योगासन ऐसे हैं, जिनका अभ्यास नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

इनमें हस्तोत्तानासन एक प्रभावी योगासन है। इसके अभ्यास के लिए पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखकर सीधे खड़े हों और सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। इसके बाद गर्दन को थोड़ा पीछे की ओर झुकाते हुए शरीर को हल्का सा पीछे की ओर खींचें। कुछ क्षण सामान्य सांस लेते हुए इसी स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं। यह आसन पीठ और कंधों की जकड़न को दूर करता है और तनाव को कम करता है।

इसी तरह पादहस्तासन भी मानसिक शांति के लिए लाभकारी माना जाता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर सांस लेते हुए हाथ ऊपर उठाएं और फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे कमर से आगे की ओर झुकें। इस दौरान हथेलियों को जमीन पर रखने की कोशिश करें और सिर को नीचे की ओर झुका रहने दें। यह आसन सिर में रक्त संचार को बढ़ाने के साथ मन को शांत करता है।

भद्रासन भी शरीर और मन दोनों को स्थिरता प्रदान करने में मदद करता है। इसे करने के लिए दंडासन की स्थिति में बैठकर घुटनों को मोड़ें और दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं। इसके बाद हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ें और कमर तथा गर्दन को सीधा रखते हुए सामान्य सांस लेते रहें। यह आसन जांघों और कमर को मजबूत बनाने के साथ मानसिक स्थिरता प्रदान करता है।

इसके अलावा योग मुद्रासन भी बेहतर नींद के लिए उपयोगी माना जाता है। इसे पद्मासन या अर्ध पद्मासन की स्थिति में बैठकर किया जाता है, जिसमें आगे की ओर झुककर पेट और पीठ पर हल्का दबाव डाला जाता है। इससे शरीर का तनाव कम होता है और मन को शांति मिलती है।

भुजंगासन का अभ्यास रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और शरीर की थकान को कम करने में सहायक होता है। वहीं नाड़ी शोधन प्राणायाम शरीर की नाड़ियों को शुद्ध करने के साथ मन को शांत करता है, जिससे अनिद्रा की समस्या में राहत मिल सकती है। इसके साथ ही नियमित रूप से ध्यान यानी मेडिटेशन करने से मानसिक चंचलता कम होती है और मन को गहरी शांति मिलती है, जिससे अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि इन योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास रोजाना सुबह या शाम के समय किया जा सकता है। हालांकि शुरुआत में इन्हें किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में करना अधिक सुरक्षित और लाभदायक होता है। नियमित अभ्यास से न केवल नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है, बल्कि संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी सुधर सकता है। (With inputs from IANS)

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कुछ योगासन नियमित करने से अनिद्रा कम होती है और गहरी, सुकून भरी नींद पाने में मदद मिलती है।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.