नई दिल्ली- आज के समय में जोड़ों का दर्द एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनता जा रहा है। बढ़ती उम्र, बैठकर काम करने की आदत, शारीरिक गतिविधि की कमी, गलत खानपान, तनाव और पोषण की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। कई लोग इस दर्द से राहत पाने के लिए लंबे समय तक दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन लगातार दवा लेने से साइड इफेक्ट्स का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपाय एक सुरक्षित विकल्प के रूप में सामने आते हैं। इन्हीं में से एक है गुंटूर मिर्च, जो अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है।

गुंटूर मिर्च अपनी तीखी और गर्म तासीर के कारण खास मानी जाती है। आयुर्वेद में इसे एक गर्म प्रकृति की वस्तु बताया गया है, जो शरीर में बढ़े हुए वात दोष को संतुलित करने में मदद करती है। आयुर्वेद के अनुसार, जब वात दोष असंतुलित होता है तो जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या पैदा होती है। गुंटूर मिर्च इस असंतुलन को ठीक करने में सहायक हो सकती है।

इस मिर्च में पाया जाने वाला कैपसाइसिन नामक तत्व जोड़ों के दर्द में खास भूमिका निभाता है। यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है, जिससे जोड़ों तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व आसानी से पहुंचते हैं। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से सूजन कम होती है और दर्द की तीव्रता धीरे-धीरे घटने लगती है। साथ ही, यह जोड़ों की जकड़न को कम करने में भी मदद करता है।

कैपसाइसिन शरीर में प्राकृतिक दर्द निवारक तत्वों जैसे एंडोर्फिन को सक्रिय करता है, जिससे दर्द का एहसास कम होता है। यह दर्द के संकेत भेजने वाले न्यूरॉन्स की गतिविधि को भी नियंत्रित करता है, जिससे लंबे समय तक राहत महसूस होती है। यही कारण है कि कई पेन रिलीफ क्रीम और जेल में भी कैपसाइसिन का इस्तेमाल किया जाता है।

गुंटूर मिर्च सिर्फ जोड़ों के दर्द तक सीमित नहीं है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। यह सूजन और संक्रमण को कम करने में भी सहायक होती है। आयुर्वेद में इसे पाचन सुधारने, रक्त को शुद्ध करने और शरीर में गर्मी बनाए रखने के लिए उपयोगी माना गया है।

इसके अलावा, गुंटूर मिर्च सर्दी-जुकाम, हल्की खांसी और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकती है। इसकी गर्म तासीर पाचन क्रिया को मजबूत करती है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है।

हालांकि, इसका सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा तीखी मिर्च खाने से पेट में जलन, एसिडिटी या गैस की समस्या हो सकती है। किसी भी आयुर्वेदिक उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है, खासकर यदि आप किसी पुरानी बीमारी से ग्रस्त हैं।(With Inputs From IANS)

Stuti Tiwari
Stuti Tiwari

Stuti Tiwari joined Medical Dialogues in 2025 as a Hindi Content Writing Intern. She is currently pursuing a Bachelor’s degree in Journalism from the University of Delhi. With a strong interest in health journalism, digital media, and storytelling, Stuti focuses on writing, editing, and curating Hindi health content. She works on producing informative, engaging, and accurate articles to make healthcare news and updates more understandable and relatable for Hindi-speaking audiences.