मुंबई: सूर्य नमस्कार योग का एक प्राचीन हिस्सा है, जो शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं को साझा करते हुए इसकी महत्ता को समझाया।

आयुष मंत्रालय ने बताया कि सूर्य नमस्कार की ये 12 मुद्राएं शरीर की लगभग हर मांसपेशी को सक्रिय करती हैं। यह शरीर में लचीलापन लाने, वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म को सुधारने का एक कारगर माध्यम भी है। साथ ही, सही श्वास प्रक्रिया के साथ इसका अभ्यास मानसिक शांति और शारीरिक शक्ति भी प्रदान करता है।

सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से पहले सही श्वास का ज्ञान होना जरूरी है। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, शुरुआत में हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ना चाहिए, जिससे ध्यान केंद्रित होता है और मन स्थिर होता है। यह मुद्रा न केवल मानसिक एकाग्रता बढ़ाती है, बल्कि शरीर की मुद्रा को सही दिशा में तैयार करती है।

इसके बाद, जब आप पीछे की ओर झुकते हैं, तो शरीर की रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और फेफड़े खुलते हैं, जिससे फेफड़ों में अधिक ऑक्सीजन जाने का मार्ग बनता है। इस प्रक्रिया में श्वास लेना बेहद महत्वपूर्ण है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाता है।

अगले चरण में, सिर को नीचे की ओर झुकाना शरीर के खून के परिसंचरण में सुधार करता है। यह मुद्रा विशेष रूप से सिरदर्द और तनाव को कम करने में सहायक होती है। साथ ही, जब आप शरीर को आगे की ओर झुकाते हैं और कंधों और कमर को सक्रिय करते हैं, तो यह पीठ दर्द और कंधे की जकड़न को दूर करता है। सांस छोड़ते और लेते हुए इन मुद्राओं का अनुकरण शरीर की मांसपेशियों को आराम देता है और उनमें ताकत भी बढ़ाता है।

सूर्य नमस्कार की एक और खास बात यह है कि यह पूरे शरीर को एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है। जैसे-जैसे आप इन 12 मुद्राओं में आगे बढ़ते हैं, आपकी छाती, पेट, हाथ, पैर और पीठ की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।

इस प्रक्रिया से रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर के अंगों को पर्याप्त पोषण मिलता है। मेटाबॉलिज्म भी तेज होता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। यह खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अपनी दिनचर्या में व्यायाम के लिए समय निकालना चाहते हैं और साथ ही तनाव से भी मुक्त होना चाहते हैं।

सूर्य नमस्कार की मुद्राओं में शरीर को मोड़ने, झुकाने और फैलाने की कई गतियां शामिल हैं, जो लचीलापन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। यह लचीलापन न केवल शारीरिक चोटों से बचाता है, बल्कि मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही, नियमित अभ्यास से शारीरिक संतुलन और सहनशीलता में भी सुधार आता है।

आयुष मंत्रालय के पोस्ट में दी गई 12 मुद्राओं का अपना एक विशिष्ट लाभ है। जैसे प्रारंभिक मुद्रा, जहां हाथ नमस्कार मुद्रा में होते हैं, यह ध्यान केंद्रित करता है। फिर धीरे-धीरे शरीर को पीछे झुकाना रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है। सिर नीचे करने से तनाव कम होता है और आगे झुकने से मांसपेशियों को खिंचाव मिलता है। इन सभी मुद्राओं के संयोजन से पूरे शरीर को एक अच्छा कसरत मिलता है, जो न केवल शरीर को फिट बनाता है बल्कि मानसिक थकान को भी दूर करता है।

सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास वजन घटाने के लिए भी काफी प्रभावी माना जाता है। यह व्यायाम पूरे शरीर की कैलोरी कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे शरीर के अंदरूनी अंगों को भी लाभ मिलता है और पाचन तंत्र बेहतर काम करता है। साथ ही, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है, जिससे हम बीमारियों से लड़ने में सक्षम होते हैं। (With inputs from IANS)

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आयुष मंत्रालय ने सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं से मिलने वाले लचीलापन और तनाव-मुक्त जीवन के फायदों को बताया।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.