नवरात्रि के दिनों में ये न केवल पावन पर्व और आध्यात्मिक शुद्धि का समय है, बल्कि यह हमारे शरीर के लिए कई बदलावों का भी समय होता है. जैसे मेटाबॉलिज्म (Metabolism) और बॉडी क्लॉक को रीसेट करने का एक बेहतरीन मौका भी है. 9 दिनों का यह उपवास शरीर को डिटॉक्स (Detox) करने का काम करता है. हालांकि, अनजाने में की गई खान-पान की कुछ गलतियां इस 'बॉडी क्लींजिंग' प्रक्रिया में बाधा डाल सकती हैं और आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं. आइए जानते हैं व्रत के दौरान होने वाली 5 बड़ी गलतियां और उन्हें सुधारने के सही तरीके.

लंबे समय तक भूखे रहना (Starvation)

कई लोग सुबह से शाम तक कुछ भी नहीं खाते हैं. खाली पेट रहने से शरीर में ऊर्जा का स्तर गिर जाता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं. ब्लड शुगर का कम होना, चक्कर आना, एसिडिटी, मेटाबॉलिज्म का धीमा होना और सिरदर्द. सही तरीका है कि व्रत का मतलब भूखा रहना नहीं है. हर 2-3 घंटे में कुछ हल्का और पौष्टिक खाते रहें, जैसे फल या मखाना चाहिए.

सिर्फ 'हाई स्टार्च' फूड का सेवन

स्वाद के चक्कर में लोग अक्सर आलू, साबूदाना और कुट्टू की पूरियों जैसी हाई कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों पर ही निर्भर रहते हैं. जिसका नुकसान ये होता है कि वजन बढ़ना, सुस्ती महसूस होना और ब्लड शुगर में अचानक उछाल आ जाता है. सही तरीका ये है कि आहार में संतुलन बनाएं रखें साथ ही आलू के साथ-साथ लौकी, कद्दू और खीरे जैसी सब्जियों को भी शामिल करें.

ज्यादा तला-भुना और ऑयली खाना

साबूदाना वड़ा, कुट्टू के पकोड़े और तली हुई पूरियां व्रत का मुख्य हिस्सा बन जाती हैं, जो सेहत के लिए 'विलेन' साबित हो सकती हैं. इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, सीने में जलन (Heartburn) और भारीपन जैसे नुकसान हो सकते हैं. इसलिए डीप फ्राई करने के बजाय बेकिंग, ग्रिलिंग या कम तेल में रोस्टिंग का ऑप्शन चुनें. कुट्टू की पूरी की जगह उसकी रोटी या चीला बनाना ज्यादा बेहतर है.

पानी कम पीना (Dehydration)

अक्सर लोग व्रत में प्यास को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और डिहाइड्रेशन, मेंटल फॉग (धुंधलापन), कब्ज और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्या होने लगती है. व्रत में दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं. इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन करें ताकि इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे.

चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन

खाली पेट बार-बार चाय या कॉफी पीने से शरीर को अस्थायी ऊर्जा तो मिलती है, लेकिन यह अंदरूनी रूप से काफी हानिकारक है. कैफीन के कारण नींद न आना, ज्यादा एसिडिटी और डिहाइड्रेशन हो सकती है. चाय-कॉफी की जगह हर्बल टी, ग्रीन टी या ताजे फलों का जूस लें सकते हैं.

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नवरात्रि के दिनों में फास्टिंग करना सेहत के लिए अच्छा भी होता है लेकिन सही तरीका जानना जरूरी है.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative