योग केवल शरीर को लचीला और स्वस्थ बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांत रखने और मानसिक संतुलन बनाए रखने का भी प्रभावी उपाय है। योग विज्ञान में प्राणायाम का विशेष स्थान है, और इन्हीं उन्नत प्राणायाम विधियों में से एक है अष्ट कुंभक। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, अष्ट कुंभक एक विशिष्ट योग अभ्यास है, जिसमें आठ प्रकार की प्राणायाम तकनीकों का समावेश होता है, जिनका उद्देश्य शरीर और मन दोनों को सशक्त बनाना है।

अष्ट कुंभक का उल्लेख प्राचीन योग ग्रंथ हठ योग प्रदीपिका में मिलता है। इसके अंतर्गत आठ उन्नत प्राणायाम तकनीकें शामिल हैं, जो श्वसन प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर में मौजूद सूक्ष्म ऊर्जाओं को जागृत करने में सहायक मानी जाती हैं। ये आठ प्राणायाम हैं— सूर्य भेदन, उज्जायी, सीतकारी, शीतली, भस्त्रिका, भ्रामरी, मूर्छा और प्लाविनी। प्रत्येक तकनीक का अपना अलग प्रभाव और लाभ होता है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित करने में मदद करता है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार, अष्ट कुंभक का अभ्यास करने से पहले व्यक्ति को शांत वातावरण में बैठकर कुछ समय ध्यान करना चाहिए, ताकि मन एकाग्र हो सके। इसके पश्चात इन आठों प्राणायाम तकनीकों का क्रमबद्ध और नियंत्रित तरीके से अभ्यास किया जाता है। प्रत्येक प्राणायाम को सामान्यतः 5 से 10 बार दोहराने की सलाह दी जाती है। इस दौरान श्वास-प्रश्वास की सही विधि का पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।

नियमित रूप से अष्ट कुंभक का अभ्यास करने से शरीर को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं। यह न केवल फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और थकान को कम करने में भी सहायक होता है। इसके अभ्यास से मानसिक स्थिरता, एकाग्रता और स्पष्टता में वृद्धि होती है। साथ ही यह शारीरिक शक्ति, सहनशक्ति और ऊर्जा स्तर को भी बेहतर बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अष्ट कुंभक श्वसन तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है। इसके अलावा, यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर वजन नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।

हालाँकि, अष्ट कुंभक एक उन्नत योग अभ्यास है, इसलिए इसे अपनाने से पहले विशेष रूप से उन लोगों को, जिन्हें कोई पुरानी बीमारी, श्वसन संबंधी समस्या या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, चिकित्सक या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इसके व्यापक लाभों को ध्यान में रखते हुए, मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी और लाभकारी योग अभ्यास के रूप में मान्यता देता है।

With Inputs From IANS

IANSAshta Kumbhakaphysicalmental health

Topic:

योग शारीरिक और मानसिक शांति देता है। अष्ट कुंभक में आठ प्रकार की प्राणायाम तकनीकें शामिल होती हैं।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.