आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसे गैजेट्स हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई, काम, मनोरंजन—हर चीज़ के लिए स्क्रीन पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है। लेकिन इस बढ़ती डिजिटल आदत का सीधा असर हमारी आंखों की सेहत पर पड़ रहा है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिसके कारण ड्राई आईज, आंखों में जलन, सिरदर्द, धुंधला दिखना, आंखों में भारीपन और थकान जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं।

आंखें हमारे शरीर के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं। यदि समय रहते इनकी सही देखभाल न की जाए, तो आगे चलकर कमजोर दृष्टि, बार-बार सिरदर्द, माइग्रेन और अन्य नेत्र रोगों का खतरा बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि कुछ सरल आदतों और नियमित आंखों की एक्सरसाइज अपनाकर आंखों की सेहत को काफी हद तक बेहतर बनाए रखा जा सकता है। इससे न केवल आंखों की थकान कम होती है, बल्कि एकाग्रता और कार्यक्षमता भी बढ़ती है।

आंखों की देखभाल के लिए रोजाना हल्के-फुल्के अभ्यास करना बेहद फायदेमंद माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रीन पर काम करने वाले छात्रों और ऑफिस कर्मचारियों के लिए ब्रेक लेना बहुत जरूरी है। इसी संदर्भ में 20-20-20 नियम को आंखों के लिए सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। इस नियम के अनुसार, हर 20 मिनट में स्क्रीन से नजर हटाकर लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखना चाहिए। यह अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है, फोकस बदलता है और आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है।

इसके अलावा, रोजाना सुबह और शाम 2–3 मिनट तक ‘पॉमिंग’ करना भी आंखों को गहरा आराम देता है। इसके लिए दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करें और फिर बंद आंखों पर हल्के से रखें। यह प्रक्रिया आंखों की नसों को शांत करती है और थकान दूर करने में मदद करती है।

त्राटक अभ्यास भी आंखों की रोशनी और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसके लिए मोमबत्ती की लौ या किसी काले बिंदु पर कुछ सेकंड तक बिना पलक झपकाए देखें, फिर आंखें बंद कर लें। इसके साथ ही आंखों की हल्की मालिश करना, आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाना तथा पास और दूर की वस्तुओं पर बारी-बारी से फोकस करना भी लाभकारी होता है।

आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करना, पर्याप्त रोशनी में पढ़ना या काम करना और रोजाना पूरी नींद लेना भी बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी और नियमित अभ्यास से आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ और तेज बनाए रखा जा सकता है।

With Inputs From IANS

IANS20-20-20 RuleEye Health

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फरवरी। डिजिटल युग में कंप्यूटर, मोबाइल और टीवी पर बढ़ती निर्भरता आंखों के लिए खतरा बन गई है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.