नई दिल्ली: अच्छी नींद हमारे शरीर और दिमाग के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना सही खान-पान या नियमित व्यायाम। यह मानसिक स्थिति, याददाश्त और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करती है। जब नींद पूरी होती है, तो हम अगले दिन तरोताजा और फोकस्ड महसूस करते हैं। लेकिन आज की तेज और तनावपूर्ण जिंदगी में हम अक्सर अनजाने में ऐसी आदतें अपनाते हैं, जो हमारी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। छोटे-छोटे बदलाव करके इन्हें सुधारा जा सकता है।

1. दिन में बार-बार झपकी लेना:

कई लोग दिन के बीच काम या आराम के लिए झपकी लेते हैं। हालांकि लंबी झपकियों से रात की नींद प्रभावित हो सकती है। दिन में सोना जरूरी हो तो इसे 20-30 मिनट तक ही सीमित रखें। इससे ऊर्जा मिलती है और रात की नींद भी अच्छी रहती है।

2. सोने का अनियमित समय:

शरीर की जैविक घड़ी नियमित सोने और जागने से संतुलित रहती है। अनियमित समय पर सोने और उठने से नींद की गुणवत्ता घटती है और दिनभर सुस्ती और थकान बढ़ सकती है। रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें। इससे मानसिक ताजगी बनी रहती है और दिनभर काम करने की क्षमता बढ़ती है।

3. सोने से पहले चाय-कॉफी या शराब का सेवन:

नींद से ठीक पहले चाय, कॉफी या शराब का सेवन करने से बचें। इनमें मौजूद कैफीन और अल्कोहल नींद में बाधा डालते हैं। कैफीन मस्तिष्क को सक्रिय रखता है, जिससे नींद देर से आती है, और शराब के बाद नींद बार-बार टूटती है। अच्छी नींद के लिए इनका सेवन समय पर और नियंत्रित रखें।

4. मोबाइल या लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल:

सोने से पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल नींद के लिए हानिकारक है। इनकी नीली रोशनी आंखों को थका देती है और मस्तिष्क को एक्टिव रखती है, जिससे नींद आने में देर होती है और रात में नींद टूटती है। सोने से कम से कम 30 मिनट पहले स्क्रीन बंद कर दें। इसके बजाय किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या मेडिटेशन करना फायदेमंद हो सकता है।

5. सोने से पहले भारी भोजन करना:

रात को भारी खाना पाचन तंत्र पर दबाव डालता है और नींद में खलल डालता है। पेट भरा होने से एसिडिटी या पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है। इसलिए रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खा लें। सब्जियां, दलिया, हल्की दाल या सलाद जैसे हल्के भोजन से पाचन अच्छा होता है और नींद गहरी आती है। (With inputs from IANS)

IANSbiological clockteascreen time

Topic:

नींद में खलल से शरीर और दिमाग दोनों पर असर पड़ता है, इसलिए इन पांच आदतों को सुधारना जरूरी है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.