Bipolar Disorder Truth: क्या बाइपोलर डिसऑर्डर सिर्फ मूड स्विंग्स है? डॉक्टर से जानें इस मानसिक बीमारी का पूरा सच

बाइपोलर डिसऑर्डर जो एक मेंटल हेल्थ बीमारी है. लेकिन इसके पीछे का कारण क्या है? आखिर क्यों होती है ये बीमारी. इसे लेकर कई सारी बातें कही जाती है, कभी-कभी बाइपोलर डिसऑर्डर इतना सामान्य दिखता ही कि पहचानना मुश्किल हो जाता है. इसलिए हर किसी को इस बीमारी से संबंधित सच्चाई जाननी चाहिए. बाइपोलर डिसऑर्डर एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जो व्यक्ति के मूड, ऊर्जा और सोचने के तरीके को प्रभावित करती है. अक्सर लोग इसे सामान्य उतार-चढ़ाव समझ लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सही जानकारी के अभाव में इसका इलाज मुश्किल हो जाता है.
मिथ: यह केवल 'मूड स्विंग्स' है
सच्चाई: डॉ. विवियन कपिल बताते हैं कि यह सामान्य मूड स्विंग्स नहीं है. इसमें 'मेनिया' (अत्यधिक उत्साह) और 'डिप्रेशन' (गहरी उदासी) के साफ एपिसोड होते हैं जो कई दिनों या हफ्तों तक चल सकते हैं. यह पर्सनल फैसले लेने की क्षमता, नींद और व्यवहार को बुरी तरह प्रभावित करता है.
मिथ: मरीज हमेशा या तो बहुत खुश रहता है या बहुत उदास
सच्चाई: यह सच नहीं है. बाइपोलर डिसऑर्डर एपिसोडिक (किश्तों में होने वाला) होता है. दो एपिसोड के बीच में मरीज पूरी तरह सामान्य और स्थिर रह सकता है, जिसे 'यूथाइमिक स्टेट' (Euthymic state)कहते हैं. सही इलाज से इन स्थिर चरणों को लंबा किया जा सकता है.
मिथ: मेनिया का मतलब केवल खुश या प्रोडक्टिव होना है
सच्चाई: मेनिया केवल खुशी नहीं है. इसमें व्यक्ति अत्यधिक आक्रामक, चिड़चिड़ा और लापरवाह हो सकता है. डॉ. कपिल के अनुसार, मेनिया में व्यक्ति ऐसे जोखिम भरे काम कर सकता है जिससे उसके सामाजिक, आर्थिक या पेशेवर जीवन पर विनाशकारी (Destructive) प्रभाव पड़े.
भारत में बाइपोलर डिसऑर्डर की स्थिति
डॉ. कपिल के अनुसार, कुल जनसंख्या के लगभग 1 से 2 प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं. भारत में जागरूकता की कमी के कारण इसे अक्सर 'पर्सनालिटी' का हिस्सा या सामान्य डिप्रेशन समझ लिया जाता है, जिससे सही इलाज में देरी होती है.
क्या बाइपोलर के साथ सामान्य जीवन संभव है?
- बिल्कुल! भले ही यह एक क्रॉनिक (लंबे समय तक चलने वाली) स्थिति है, लेकिन इसे इन तरीकों से मैनेज किया जा सकता है:
- दवाएं-मूड स्टेबलाइजर्स और अन्य आवश्यक मेडिकेशन.
- साइकोथेरेपी-काउंसलिंग और व्यवहार संबंधी थेरेपी.
- जीवनशैली में बदलाव-नियमित नींद और तनाव मैनेजमेंट


