भारत में वजन घटाने की दवाएं होंगी 50% तक सस्ती: ओज़ेम्पिक का पेटेंट खत्म होते ही मचेगी धूम, जानें पूरी रिपोर्ट

भारत में मोटापा कम करने के इच्छा रखने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. दुनिया भर में तहलका मचाने वाली 'वेट-लॉस' दवा सेमाग्लूटाइड (Semaglutide), जो 'ओज़ेम्पिक' और 'वेगोवी' जैसे ब्रांड नामों से जानी जाती है, उसका पेटेंट भारत में 20 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है. इसके साथ ही भारतीय दवा कंपनियां इसकी सस्ती जेनेरिक प्रतियां बाजार में उतारने के लिए तैयार हैं.
आधी कीमत पर मिलेंगी वजन घटाने वाली दवाएं
वर्तमान में नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) की यह थेरेपी काफी महंगी है, लेकिन भारतीय कंपनियां जैसे मैनकाइंड फार्मा, सन फार्मा, ल्यूपिन और अजंता फार्मा इसे आधी कीमत पर लॉन्च करने वाली हैं. अनुमान है कि साप्ताहिक खुराक की कीमत लगभग 5,000 रुपये तक गिर जाएगी, जो वर्तमान कीमतों से 50% कम है.
क्लीनिक और अस्पतालों में बढ़ेगी भीड़
सस्ती दवाओं की उम्मीद में मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के क्लीनिकों में मरीजों की बढ़ोतरी की संभावनाएं जताई जा रही है. मुंबई की एंडोक्रिनोलॉजिस्ट स्वाति प्रधान का कहना है कि लोग अब पेशेवर मार्गदर्शन के साथ वजन घटाने के प्रोग्राम चुन रहे हैं, जिनमें आहार परामर्श और साइड-इफेक्ट मैनेजमेंट शामिल होता है.
बाजार का विस्तार
केयरएज रेटिंग्स के अनुसार, भारत का GLP-1 बाजार 2030 तक 50 अरब रुपये तक पहुंच सकता है. अपोलो और फोर्टिस जैसे बड़े अस्पताल ग्रुप विशेष 'ओबेसिटी मैनेजमेंट क्लीनिक' का विस्तार कर रहे हैं. टाटा 1MG और फार्मईज़ी जैसी डिजिटल कंपनियां रियायती चेकअप पैकेज और होम डिलीवरी की सुविधा दे रही हैं.
मोटापा- भारत के लिए एक गंभीर चुनौती है
भारत में फिलहाल अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ओवरवेट आबादी वाला देश है. शहरी जीवनशैली, उच्च कैलोरी वाला भोजन और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण थायराइड, मधुमेह (Diabetes) और फैटी लिवर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं.
विज्ञापनों पर सरकार की रोक
बढ़ती मांग को देखते हुए भारत के दवा नियामक ने वजन घटाने के कार्यक्रमों के **विज्ञापनों और सोशल मीडिया एंडोर्समेंट पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसका उद्देश्य भ्रामक प्रचार को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि ये दवाएं केवल डॉक्टर की देखरेख में ही ली जाएं. विशेषज्ञों का मानना है कि बिना डॉक्टरी सलाह के इन इंजेक्शनों को लेना हानिकारक हो सकता है. सफल वेट-लॉस यात्रा के लिए दवाओं के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव और विशेषज्ञों का निरंतर सहयोग अनिवार्य है.


