दिमाग की उम्र घटा सकती है 'वेट ट्रेनिंग', रिसर्च में खुलासा, भारी एक्सरसाइज से दिमाग हुआ 2 साल जवान

क्या वजन उठाना या रेजिस्टेंस एक्सरसाइज करना आपके दिमाग को बूढ़ा होने से रोक सकता है? हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक शोध ने इस बात की पुष्टि की है. रिसर्चर ने'ब्रेन एजिंग क्लॉक'(मस्तिष्क की आयु मापने वाले कंप्यूटर मॉडल) का उपयोग करके यह जांचा कि क्या व्यायाम मस्तिष्क की उम्र और वास्तविक आयु के अंतर को कम कर सकता है.
कैसे किया गया यह शोध?
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने सबसे पहले 2,433 स्वस्थ वयस्कों के 'रेस्टिंग स्टेट फंक्शनल MRI' (fMRI) डेटा का उपयोग करके एक भविष्यवाणी मॉडल (ब्रेन क्लॉक) तैयार किया. इसके बाद, इस मॉडल को 'लाइव एक्टिव सक्सेसफुल एजिंग' ट्रायल में शामिल 309 प्रतिभागियों पर लागू किया गया.
प्रतिभागियों को तीन समूहों में बांटा गया:
भारी रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (Heavy Resistance Training)
मध्यम तीव्रता वाली रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (Moderate Intensity Resistance Training)
कंट्रोल ग्रुप (जो व्यायाम नहीं करते थे)
1 और 2 साल के अंतराल पर उनके शारीरिक स्वास्थ्य और मस्तिष्क के स्कैन का दोबारा परीक्षण किया गया.
हैरान करने वाले परिणाम, 2.3 वर्ष तक घटी मस्तिष्क की आयु
स्टडी के परिणामों ने विशेषज्ञों को चौंका दिया। विश्लेषण से पता चला कि प्रीफ्रंटल कनेक्टिविटी में सुधार, भारी ट्रेनिंग करने वाले लोगों के मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल हिस्से में बेहतर कार्यक्षमता देखी गई. मध्यम और भारी, दोनों तरह के रेजिस्टेंस व्यायाम करने वालों की 'ब्रेन एज (Brain Age)' में 1.4 से 2.3 वर्ष तक की कमी दर्ज की गई. नेटवर्क स्तर पर बदलाव, यह सुधार केवल दिमाग के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे मस्तिष्क के नेटवर्क स्तर पर व्यापक सकारात्मक बदलाव देखे गए.
एक्सपर्ट की राय और क्लिनिकल महत्व
डॉक्टरों और विशेषज्ञों के लिए यह शोध एक महत्वपूर्ण संकेत है. यह सुझाव देता है कि रेजिस्टेंस एक्सरसाइज वृद्ध वयस्कों में दिमाग के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक प्रभावी निवारक रणनीति (Preventive Strategy) हो सकती है. हालांकि, रिसर्चर ने यह भी साफ किया कि यह स्टडी मेन रूप से 'न्यूरोइमेजिंग' (MRI स्कैन) पर आधारित है, न कि सीधे तौर पर याददाश्त या सोचने की क्षमता (Cognitive Endpoints) पर. साथ ही, यह परीक्षण वृद्ध वयस्कों की एक विशिष्ट आबादी पर किया गया था, इसलिए इसके परिणामों को हर आयु वर्ग पर लागू करने से पहले और अधिक शोध की जरूरत है.


