सर्दियों में गर्म पानी से नहाते हैं? सिर पर डालने से पहले ये जरूर पढ़ें

नई दिल्ली: आयुर्वेद सर्दियों के मौसम में गर्म पानी से स्नान करने की सलाह देता है, क्योंकि यह शरीर को आराम पहुंचाता है, मांसपेशियों को ढीला करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाकर ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है। गर्म पानी ठंड से बचाव कर शरीर को मजबूत बनाता है, लेकिन आयुर्वेद यह भी चेतावनी देता है कि सिर पर अत्यधिक गर्म पानी डालना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार, सिर पर बहुत गर्म पानी डालने से आंखों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और दृष्टि कमजोर होने का खतरा रहता है। खासतौर पर तेल मालिश के बाद सिर पर गर्म पानी डालने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में नहाने के दौरान पानी गुनगुना रखना बेहतर माना गया है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर इस संबंध में अहम जानकारी साझा की है। आयुर्वेद में गर्म पानी से स्नान को बल्य यानी शरीर को ताकत देने वाला बताया गया है। यह मांसपेशियों को आराम देता है, ठंड से बचाता है और शरीर को ऊर्जावान बनाता है। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सिर पर बहुत गर्म पानी डालना नुकसानदेह हो सकता है।
आयुर्वेद में बताया गया है कि आंखें शरीर का अत्यंत संवेदनशील अंग हैं और अधिक गर्मी उनके लिए हानिकारक साबित हो सकती है। इससे आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है या अन्य परेशानियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए नहाते समय सिर पर सामान्य गर्म या गुनगुना पानी ही डालने की सलाह दी जाती है, खासकर अभ्यंग यानी तेल मालिश के बाद।
अभ्यंग के बाद बहुत गर्म पानी का उपयोग त्वचा से प्राकृतिक तेल को पूरी तरह हटा सकता है, जिससे वात, पित्त और कफ जैसे दोषों में असंतुलन पैदा हो सकता है। इसके कारण त्वचा रूखी हो सकती है और अन्य समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नहाने के लिए पानी का तापमान संतुलित होना चाहिए, जिससे शरीर को आराम मिले लेकिन जलन महसूस न हो। सिर धोने के लिए अलग से गुनगुना पानी इस्तेमाल करना बेहतर होता है। यदि आंखों से जुड़ी कोई समस्या हो, तो चिकित्सक से परामर्श जरूर लेना चाहिए। (With inputs from IANS)


