CBSE की नई पहल: केवल पढ़ाई ही नहीं, अब मानसिक सेहत पर भी होगा फोकस, 4 अक्टूबर से शुरू हो रहे इस खास प्रोग्राम की पूरी डिटेल

सीबीएसई की परीक्षा और नतीजों के बीच स्टूडेंट्स एक तनाव भरे दिन से गुजरते हैं. ऐसे में इस बार वर्ल्ड मेंटल हेल्थ वीक के अवसर पर, 4 से 10 अक्टूबर, 2025 तक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के सहयोग से मेंटल हेल्थ सेशन आयोजित की जाएगी. CBSE के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, इससे जुड़े कलंक को कम करना और स्कूली समुदायों में मनोवैज्ञानिक लचीलापन विकसित करना है. यह सीरीज़ वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे, यानी 10 अक्टूबर को समाप्त होगी. यह सीरीज़ स्कूली समुदायों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिजाइन की गई है. व्यावहारिक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए CBSE ने तीन मुख्य उद्देश्य निर्धारित किए हैं. जिसमें है,
- मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता बढ़ाना और उससे जुड़े कलंक को दूर करना.
- शिक्षकों, काउंसलरों, अभिभावकों और छात्रों को मनोवैज्ञानिक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक रणनीतियां बताना.
- स्कूली वातावरण में सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य प्रथाओं को लगातार बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना.
- AIIMS के मनोरोग और परामर्श सेवा विभाग के एक्सपर्ट इन सेशन का संचालन करेंगे.
इतने लोग हो सकते हैं शामिल
यह कार्यक्रम एक्सपर्ट के साथ होगा जो सभी के लिए सत्रों को प्रैक्टिकल और क्रियान्वित करने योग्य बनाता है. इसके कुछ जरूरी पहलु शामिल हैं. प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे (IST) के बीच सत्र आयोजित किए जाएंगे (लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक). स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चिंताओं पर साक्ष्य-आधारित चर्चाएं. सत्र Webex के जरिए से वर्चुअल रूप से आयोजित किए जाएंगे. हर सत्र में केवल 1,000 प्रतिभागियों को ही शामिल होने की अनुमति होगी, और यह 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगा. प्रत्येक दिन, एक विशेषज्ञ स्कूली मानसिक स्वास्थ्य के किसी विशिष्ट पहलू पर चर्चा करेगा.
सेशन शेड्यूल
- 4 अक्टूबर, 2025 प्रो. डॉ. एम. श्रीनिवास, निदेशक, AIIMS स्वास्थ्य, पोषण और भावनात्मक स्वास्थ्य
- 5 अक्टूबर, 2025 हिमांशु गुप्ता, सचिव, CBSE तनाव से कैसे निपटें
- 6 अक्टूबर, 2025 प्रो. डॉ. प्रताप शरण, विभागाध्यक्ष, मनोरोग विभाग, AIIMS सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य
- 7 अक्टूबर, 2025 प्रो. डॉ. नंद कुमार, मनोरोग विभाग, AIIMS खुश पेट, स्वस्थ दिमाग
- 8 अक्टूबर, 2025 प्रो. डॉ. राजेश सागर, मनोरोग विभाग, AIIMS किशोरों में जोखिम भरा व्यवहार
- 10 अक्टूबर, 2025 डॉ. दीपिका दहिमा, वैज्ञानिक C, मनोरोग विभाग, AIIMS स्क्रीन और खुद के बीच: डिजिटल युग में लचीलापन
CBSE बोर्ड ने कहा कि इन सत्रों का मकसद देश भर के स्कूली समुदायों के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संसाधन ज़्यादा आसानी से उपलब्ध कराना और मेडिकल एक्सपर्ट से सीधे मार्गदर्शन दिलाना है. CBSE ने ज़ोर देकर कहा कि यह सीरीज सभी संबंधित लोगों को पढ़ाई के तनाव, भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और छात्रों में व्यवहार संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए तैयार की गई है.
इस पहल का महत्व
यह पहल ऐसे समय में बहुत महत्वपूर्ण है जब स्कूल छात्रों में पढ़ाई के तनाव, चिंता और डिजिटल निर्भरता के बढ़ते मामलों की रिपोर्ट कर रहे हैं। मेडिकल विशेषज्ञों को सीधे शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों से जोड़कर, CBSE का लक्ष्य मेडिकल ज्ञान और क्लासरूम की असलियत के बीच की खाई को पाटना है। यह कार्यक्रम इस बढ़ती हुई समझ को रेखांकित करता है कि मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई में प्रदर्शन और संपूर्ण भलाई के लिए एक ज़रूरी हिस्सा है, न कि कोई गौण चिंता। उम्मीदवार CBSE के मानसिक स्वास्थ्य सत्रों के लाइव सत्र देखने के लिए यहाँ दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं.


