मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है. 'ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन' में 10 फरवरी, 2026 को प्रकाशित एक बड़े रिसर्च के अनुसार, एरोबिक एक्सरसाइज (Aerobic Exercise) डिप्रेशन और एंग्जायटी (Depression and Anxiety) के लक्षणों को कम करने में दवाओं और टॉक-थेरेपी से भी अधिक प्रभावी हो सकती है. हजारों प्रतिभागियों पर किए गए सैकड़ों विश्लेषणों के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि एक्सरसाइज न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारती है, बल्कि मस्तिष्क के लिए एक 'फर्स्ट-लाइन ट्रीटमेंट' के रूप में भी काम कर सकती है.

कैसे काम करती है एक्सरसाइज?

एरोबिक एक्सरसाइज (जैसे तेज चलना, दौड़ना या साइकिल चलाना) हमारे शरीर के सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करती है, जिससे शरीर तनाव के प्रति अधिक अनुकूल बन जाता है. न्यूरोलॉजिकल फायदे, एक्सरसाइज मस्तिष्क में सेरोटोनिन, डोपामाइन और नोरपेनेफ्रिन जैसे 'फील-गुड' रसायनों को संतुलित करती है.ब्रेन हेल्थ,यह BDNF (ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर) को बढ़ाती है, जो मस्तिष्क को नए और स्वस्थ रास्ते बनाने (Neuroplasticity) में मदद करता है. तनाव से मुक्ति, यह नेगेटिव विचारों (Rumination) के चक्र को तोड़ती है और व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास पैदा करती है.

किसे, कितनी और कौन सी एक्सरसाइज की जरूरत?

स्टडी में पाया गया कि अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग तरह के व्यायाम अधिक प्रभावी हैं. डिप्रेशन के लिए, ग्रुप-आधारित और सुपरवाइज्ड एक्सरसाइज सबसे प्रभावी रही. यह सामाजिक जुड़ाव और जिम्मेदारी (Accountability) की भावना प्रदान करती है. एंग्जायटी (घबराहट) के लिए, कम समय और कम तीव्रता (Low-intensity) वाले प्रोग्राम सबसे बेहतर पाए गए, क्योंकि ये शरीर को बिना उत्तेजित किए आत्मविश्वास बढ़ाते हैं.

क्या यह दवाओं की जगह ले सकती है?

मनोचिकित्सकों के अनुसार, हल्के लक्षणों वाले लोगों के लिए एक्सरसाइज अकेले ही इलाज के रूप में काम कर सकती है. हालांकि, मध्यम से गंभीर डिप्रेशन या जटिल मानसिक समस्याओं के मामलों में इसे दवाओं और थेरेपी के पूरक (Adjunct Therapy) के रूप में देखा जाना चाहिए। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो दवाओं के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं या जिन्हें नींद और मेटाबॉलिज्म की भी समस्या है.

शुरुआत कैसे करें? (विशेषज्ञों की सलाह)

  • अगर आप मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक्सरसाइज शुरू करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें
  • शुरुआत प्रतिदिन केवल 10 मिनट की तेज चाल (Speed Walking) से करें.
  • व्यायाम की तीव्रता से ज्यादा उसकी नियमितता (Regularity) मायने रखती है.
  • एक्सरसाइज को खुद की आलोचना का जरिया नहीं, बल्कि रिकवरी का एक उपकरण (Tool) मानें.
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एरोबिक एक्सरसाइज डिप्रेशन और एंग्जायटी के लक्षणों को कम करने में दवाओं और टॉक-थेरेपी से भी अधिक प्रभावी हो सकती है.
Priya Gupta
Priya Gupta

Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative