IIT जोधपुर का कमाल, अब पसीने और लार से होगी कैंसर की पहचान, सैनिकों के स्ट्रेस पर भी रहेगी नजर

चिकित्सा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में IIT जोधपुर ने एक बड़ी उपलब्धि पाई है. यहां के रिसर्चर ने एक ऐसा लचीला (Flexible) और स्मार्ट सेमीकंडक्टर सेंसर बनाया है, जो आपके शरीर के संपर्क में रहकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों का पता लगा सकता है. यह डिवाइस न केवल आम मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के तनाव (Stress) की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी करेगी.
HESTECH लैब में तैयार हुई 'स्मार्ट' तकनीक
इस जरूरी रिसर्च इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की हाइब्रिड इलेक्ट्रॉनिक सेंसर टेक्नोलॉजी (HESTECH) लैब में किया जा रहा है. प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अक्षय मौदगिल ने कहा कि भारत सहित दुनिया भर में बीमारियों का पता बहुत देरी से चलता है. इसका मेन कारण रेगुलर हेल्थ निगरानी (Monitoring) की कमी है. इस समस्या को दूर करने के लिए लैब में ऐसे मुलायम और इंटेलिजेंट डिवाइस तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें शरीर पर लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के पहना जा सकता है.
OECT तकनीक: शरीर के संकेतों को समझेगा सेंसर
इस इनोवेशन का सबसे खास हिस्सा ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोकेमिकल ट्रांजिस्टर (OECT) है. पारंपरिक सख्त इलेक्ट्रॉनिक्स के विपरीत, OECT शरीर के अनुकूल है और लार या पसीने जैसे तरल पदार्थों के साथ आसानी से इंटरफेस कर सकता है. यह सेंसर हृदय गति (Heart Rate), मांसपेशियों के संकेत (EMG), शरीर का तापमान और त्वचा के दबाव को सटीक रूप से ट्रैक करता है.
रक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: सैनिकों की वर्दी देगी अलर्ट
हेल्थ सेक्टर के अलावा इस तकनीक का रक्षा क्षेत्र में भी व्यापक उपयोग होगा. ये सेंसर सैनिकों की वर्दी या पैच में लगाए जा सकते हैं. यह चुनौतीपूर्ण वातावरण में सैनिकों की थकान और मानसिक तनाव का रियल-टाइम डेटा बेस मुख्यालय को भेज सकेंगे, जिससे समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें. डॉ. मौदगिल का मानना है कि फ्यूचर में यह पोर्टेबल सिस्टम ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों, डेंटल क्लीनिक और मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन के लिए गेम-चेंजर साबित होगा. इसके जरिए पॉइंट-ऑफ-केयर स्क्रीनिंग आसान हो जाएगी, जिससे गंभीर मरीजों में अल्सर या हृदय संबंधी समस्याओं का शुरुआती लेवल पर ही पता लगाया जा सकेगा.
AIIMS जोधपुर के साथ सहयोग
यह रिसर्च AIIMS जोधपुर के सहयोग से किया जा रहा है. लैब टेस्ट में इसके प्रोटोटाइप के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं. पसीने, गर्मी और लंबे समय तक इस्तेमाल के बावजूद इन सेंसरों ने कम बिजली की खपत (Low Power) के साथ सटीक परिणाम दिए हैं.


