वैक्‍सीन लगाने से कई बीमारियों से बचाव हो सकता है। ऐसी ही एक बीमारी है मेनिन्जाइटिस। इस बीमारी में दिमाग और रीढ़ की हड्डी के आसपास मौजूद टिश्यूज में सूजन आ जाती है। यह कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और पैरासाइट्स के कारण हो सकता है। इस बीमारी से बचाव के लिए मेनिंगोकोकल वैक्सीन लगाई जाती है।

क्‍या है मेनिंगोकोकल बीमारी

मेनिंगोकोकल वैक्सीन एक टीका है, जो मेनिंगोकोकल बीमारी (Meningococcal disease) से बचाव के लिए लगाया जाता है। यह बीमारी Neisseria meningitidis नामक बैक्टीरिया से होती है और मेनिन्जाइटिस (दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड की झिल्ली का संक्रमण) तथा खून के गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। अगर समय पर इलाज ना मिले तो यह जानलेवा भी हो सकती है। इस बीमारी से बचाव के लिए मेनिंगोकोकल वैक्सीन लगाई जाती है। यह टीका शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करके ऐसे एंटीबॉडी बनाता है, जो इन बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं।

क्या है बीमारी के मुख्य लक्षण

मेनिंगोकोकल संक्रमण के कई गंभीर लक्षण हो सकते हैं। ये लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके बचाव हो सकता है-

  • उल्टी और जी मिचलाना।
  • गर्दन में अकड़न होना।
  • तेज बुखार और सिरदर्द का होना।
  • चलने या सीधे खड़े होने में परेशानी महसूस होना।
  • त्वचा पर चकत्ते निकलना।
  • तेज रोशनी से आंखों को परेशानी महसूस होना।
  • बहुत अधिक नींद आना या थकान महसूस होना।
  • दस्त होना, मांसपेशियों में दर्द होना।
  • भूख ना लगना।

बीमारी की गंभीरता

यह बीमारी बहुत गंभीर हो सकती है। अगर मरीज को सही समय पर इलाज ना मिले, तो यह जानलेवा हो सकती है। कभी-कभी मरीज की जान जा सकती है। या कुछ स्थितियों में ब्रेन डैमेज, किडनी खराब होना, शरीर के अंगों का खराब होना शामिल है।

मेनिंगोकोकल वैक्सीन कैसे काम करती है

यह टीका शरीर में बैक्टीरिया के कुछ हिस्सों या प्रोटीन के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा करता है। इससे शरीर एंटीबॉडी बनाता है, जो भविष्य में संक्रमण होने पर बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। WHO के अनुसार, यह वैक्सीन 11-12 साल की उम्र में बच्चों को लगवा देनी चाहिए। 16 साल की उम्र में बूस्टर डोज लेना चाहिए।

किन लोगों को जरूर लगवानी चाहिए मेनिंगोकोकल वैक्सीन

हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स के अनुसार, यह टीका खास तौर पर इन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है-

  • 11–12 वर्ष के बच्चों और किशोरों को लगवाना चाहिए। 16 वर्ष की उम्र में बूस्टर डोज लगवानी चाहिए।
  • कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को लगवाना चाहिए।
  • ऐसे लोग, जो उन क्षेत्रों में यात्रा करते हैं, जहां यह बीमारी ज्यादा होने का खतरा हो।
  • प्रयोगशालाओं में बैक्टीरिया के साथ काम करने वाले लोगों को।

वैक्सीन लगाने के बाद संभावित साइड इफेक्ट ये हो सकते हैं-

  1. इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, लालिमा या सूजन का होना।
  2. सिरदर्द होना।
  3. थकान होना।
  4. मांसपेशियों में दर्द होना।
  5. मतली या हल्का बुखार होना।
  6. -बहुत कम मामलों में गंभीर एलर्जी हो सकती है। असामान्य लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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वैक्‍सीन लगाने से कई बीमारियों से बचाव हो सकता है। ऐसी ही एक बीमारी है मेनिन्जाइटिस।
Arti Mishra
Arti Mishra

Arti Mishra has nearly one and a half decades of experience in journalism. She has extensive experience writing on topics related to health, food, lifestyle, fashion, beauty, relationships, religion, and astrology. She holds a PG Diploma in Journalism from YMCA. She began her career in print journalism and has worked in both feature writing and the news section. Over the years, she has worked with prominent media organisations including Zee News, Aaj Tak, Hindustan, Amar Ujala, and contributed for many publishers like NDTV.