इन आसान आदतों से दिमाग को करें रिचार्ज, बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी

नई दिल्ली: आज के समय में न केवल शरीर, बल्कि मन का स्वस्थ रहना भी अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, लगातार बढ़ते काम का दबाव और असंतुलित जीवनशैली मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ रोजमर्रा की जीवनशैली में कुछ आसान आदतों को शामिल करने की सलाह देते हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, मानसिक स्थिरता और फोकस बढ़ाने वाली आदतें कार्यक्षमता (प्रोडक्टिविटी) को बेहतर बनाती हैं और कार्यस्थल पर प्रदर्शन को भी बढ़ावा देती हैं। मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होने से व्यक्ति तनाव को संभालने में सक्षम होता है, निर्णय लेने की क्षमता में सुधार आता है और जीवन में संतुलन बना रहता है।
मानसिक रूप से स्वस्थ रहने से पूरे शरीर की सेहत भी बेहतर रहती है। इसके विपरीत, खराब मानसिक स्थिति से काम में अनुपस्थिति और उत्पादकता में गिरावट आती है। इसलिए दैनिक जीवन में आसान उपाय अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि मानसिक सेहत के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित और पौष्टिक आहार, और अच्छी नींद बेहद जरूरी है। वहीं, आजकल मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग आम हो गया है, इसलिए सोने से पहले और समय-समय पर स्क्रीन से दूरी बनाना लाभकारी है।
साइकोलॉजी के अनुसार, छोटी-छोटी सकारात्मक गतिविधियां मन को खुश और संतुलित बनाए रखती हैं। उदाहरण के लिए, दूसरों के प्रति आभार जताना, तारीफ करना, किताबें पढ़ना, कहानियां सुनना या डायरी में विचार लिखना। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, पारिवारिक गतिविधियों में शामिल होना, योग और ध्यान का अभ्यास करना भी मानसिक स्वास्थ्य में सहायक हैं।
इसके अलावा, सोशल मीडिया का सीमित उपयोग, अनावश्यक स्क्रॉलिंग से बचना और नई स्किल्स या हॉबी अपनाना—जैसे पेंटिंग, गार्डनिंग या संगीत—मन को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।
ये छोटे कदम विचारों को संतुलित रखते हैं और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या काउंसलर से मदद लेना भी फायदेमंद हो सकता है। (With inputs from IANS)


