ताली बजाने से मिलेंगे कई लाभ, बच्चे हों या बड़े सभी के लिए फायदेमंद 'फ्लावर क्लैप'

नई दिल्ली: अनियमित दिनचर्या और असंतुलित आहार से शरीर और मन पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे में योगाभ्यास मददगार साबित होते हैं, और उनमें से एक है ताली बजाने पर आधारित सरल अभ्यास जिसे 'फ्लावर क्लैप' या पुष्प ताली कहा जाता है।
फ्लावर क्लैप एक आसान और प्रभावी अभ्यास है, जिसे मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा बच्चों और बड़ों सभी के लिए फायदेमंद मानता है। इसे क्लैपिंग थेरेपी का हिस्सा माना जाता है, जिसमें हाथों की ताली से शरीर के विभिन्न एक्यूप्रेशर पॉइंट्स सक्रिय होते हैं।
इसका अभ्यास सरल है और कहीं भी किया जा सकता है। सीधे खड़े हो जाएं या आराम से बैठें, दोनों हाथों को छाती के सामने लाएं, उंगलियां फैलाएं और हथेलियों को गोलाकार बनाए रखें। फिर जोर से ताली बजाएं जैसे फूल खिल रहे हों। हाथ ऊपर उठाएं और नीचे लाएं जैसे बारिश की बूंदें गिर रही हों।
ताली की आवाज तेज और लयबद्ध होनी चाहिए। शुरुआत में 5-10 मिनट रोजाना करें, सुबह खाली पेट या ताजी हवा में अभ्यास करना सर्वोत्तम है। बेहतर परिणाम के लिए हथेलियों पर सरसों या नारियल का तेल लगाकर क्लैप करें। धीरे-धीरे गति बढ़ाएं, लेकिन अत्यधिक जोर न लगाएं।
फ्लावर क्लैप से शरीर और स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। हाथों में 340 से अधिक एक्यूप्रेशर पॉइंट्स सक्रिय होते हैं, जो किडनी, फेफड़े, हृदय, पाचन तंत्र और कमर के स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं। यह रक्त संचार बढ़ाकर हृदय स्वास्थ्य बेहतर करता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद है, तनाव, चिंता और मूड स्विंग्स कम करता है और हैप्पी हार्मोन बढ़ाता है। बच्चों में यह संज्ञानात्मक विकास, एकाग्रता और मोटर स्किल्स को मजबूत करता है, जबकि वयस्कों में जोड़ों की जकड़न दूर करता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और थकान मिटाता है।
इस अभ्यास के लिए किसी उपकरण की जरूरत नहीं है, इसलिए इसे घर, पार्क या ऑफिस में आसानी से किया जा सकता है। (With inputs from IANS)


