अक्सर बच्चे कई पौष्टिक फल और सब्जियों को देखते ही नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। तोरी, करेला और पेठा जैसी सब्जियां हमारे घरों में काफी बनती हैं और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी होती हैं। इन्हीं में से एक है 'सफेद पेठा', जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से बड़ियां और मिठाइयां बनाने में किया जाता है. हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका जूस औषधीय गुणों का खजाना है. प्रतिदिन एक गिलास 'ऐश गॉर्ड' (सफेद पेठा) का जूस पीने से शरीर की कई बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है.

गर्मियों में इसके सेवन की सलाह दी जाती है

आयुर्वेद में सफेद पेठे की तासीर को ठंडा बताया गया है. इसकी ठंडी तासीर की वजह से ही गर्मियों में इसके सेवन की सलाह दी जाती है. सफेद पेठे का जूस त्रिदोष को संतुलित करता है और शरीर को ऊर्जावान बनाने में मदद करता है. इसके सेवन से पाचन में सुधार होता है, शरीर को ठंडक मिलती है, वजन घटाने में मदद मिलती है, किडनी की सफाई अच्छे से होती है. सफेद पेठे में 96 फीसदी पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है.

इस जूस का सेवन कैसे करें?

पहले जानते हैं कि सफेद पेठे का जूस कैसे बनाते हैं। सबसे पहले सफेद पेठे को छील कर मोटा-मोटा काट लें और बीज अलग कर दें. मिक्सर में पुदीने की पत्तियां, थोड़ी सी काली मिर्च और धनिया मिलाकर पीस लें. मलमल के कपड़े से अच्छे से छान लें. जूस को ज्यादा समय तक रखे नहीं, तुरंत पी ले. जूस के औषधीय गुणों को बढ़ाने के लिए उसमें नारियल का पानी भी मिला सकते हैं. मलमल कपड़े में बचे हुए गूदे को फेंके नहीं बल्कि उसे दही या सब्जी में मिला सकते हैं क्योंकि गूदे में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो पाचन के लिए लाभकारी है.

जूस का सेवन सुबह और शाम खाली पेट कर सकते हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि रोजाना सफेद पेठे के जूस का सेवन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल रक्त धमनियों और हृदय पर दबाव बनाता है, जिससे रक्त को पंप करने में परेशानी होती है. इसके साथ ही सफेद पेठे में विटामिन बी-12 और विटामिन सी होता है, जिससे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है और छोटे-मोटे संक्रमण परेशान नहीं करते.

Input IANS

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अक्सर बच्चे कई पौष्टिक फल और सब्जियों को देखते ही नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं.
IANS
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